• सांसद ने विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला दूरदर्शी बजट बताया
• 53.47 लाख करोड़ का केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत, पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़
• वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम का विकास, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नए नेशनल वाटरवेज
• एमएसएमई, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग केंद्र में
• ‘बायोफार्मा शक्ति योजना’ के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान
• टेक्नोलॉजी, AI, हेल्थ, टूरिज्म और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति
• रुडी ने कहा कि पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम का विकास बिहार के लिए रोजगार और औद्योगिक विस्तार का बड़ा अवसर बनेगा
• किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल और कंटेंट क्रिएटर लैब्स की घोषणा को सांसद ने नए भारत की डिजिटल नींव करार दिया
• वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और डंकुनी से सूरत तक का नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से बिहार को लाभ
01 जनवरी 2026। विकास, विश्वास और भविष्य की त्रिवेणी को साकार करने वाला केंद्रीय बजट 2026-27 भारत को आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में निर्णायक रूप से आगे ले जाने वाला है। सारण सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुडी ने उक्त बातें केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत नौवें केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पटना अब केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि अंतर्देशीय जलमार्गों का तकनीकी केंद्र भी बनेगा। वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर (जहाज़ मरम्मत) इकोसिस्टम के विकास का निर्णय गंगा आधारित अर्थव्यवस्था, आंतरिक जल परिवहन और क्षेत्रीय रोजगार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा, जिससे पूर्वी भारत को औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक बढ़त मिलेगी। इसके साथ ही जलमार्ग क्षेत्र में युवाओं को तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे शिपिंग इंजीनियरिंग में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
बजट में घोषित वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के संबंध में सांसद ने कहा कि यह बिहार के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाएगा। वहीं, डंकुनी से सूरत तक का नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर माल ढुलाई को तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगा। ये नेटवर्क बिहार के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा।
सांसद रुडी ने कहा कि टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए विदेश यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए TCS दरों में कटौती की गई है, वहीं 17 एंटी-कैंसर एवं 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को कस्टम्स ड्यूटी से मुक्त कर आमजन के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता दी गई है। सांसद ने कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड रुपया किया गया है, जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार को नई ऊर्जा देगा। राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत पर नियंत्रित रखने का लक्ष्य सरकार की वित्तीय अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बजट में टेक्नोलॉजी और नवाचार को बढ़ावा देते हुए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे, किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल और कंटेंट क्रिएटर लैब्स की घोषणा को सांसद रुडी ने नए भारत की डिजिटल नींव करार दिया। स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र में NIMHANS 2.0, तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, आयुष फार्मेसियों का उन्नयन तथा पाँच मेडिकल टूरिज्म हब्स की स्थापना से भारत वैश्विक हेल्थ डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।
रुडी ने कहा कि 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए नेशनल वाटरवेज, Tier-2 और Tier-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तथा एमएसएमई के लिए ₹10,000 करोड़ का कोष जैसे सभी निर्णय संतुलित क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन की दिशा में मील का पत्थर हैं।पूर्व केंद्रीय मंत्री रुडी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की स्पष्ट कार्ययोजना है, जो सबका साथ, सबका प्रयास और सबका विकास के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।
