*डॉक्टर कुलदीप शर्मा के साथ मारपीट
*जेईएन ससपेंड कर दिया
*मकान ध्वस्तीकरण पर उठाई कार्रवाई की मांग
*मौके पर गए 7 होमगार्ड को हटा दिया
(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर/अजमेर में अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को राजस्थान ब्राह्मण महासभा के नेतृत्व में सकल ब्राह्मण समाज एवं निजी डॉक्टर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में हजारों की संख्या में लोगों ने विरोध जुलूस निकाला और संभागीय आयुक्त को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह जुलूस डिविजनल कमिश्नर कार्यालय, कलेक्ट्रेट और अजमेर विकास प्राधिकरण होते हुए निकाला गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ब्राह्मण समाज ने डॉक्टर कुलदीप शर्मा के साथ अजमेर विकास प्राधिकरण की टीम द्वारा कथित बर्बरता पूर्वक मारपीट और उनके मकान को ध्वस्त किए जाने की घटना की तीव्र निंदा की। जिला कलेक्टर को दोषियों की सूची में शामिल मानते हुए उन्हें ज्ञापन नहीं सौंपा गया, बल्कि ज्ञापन संभागीय आयुक्त महेश चंद शर्मा को सौंपा गया। कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन की प्रति भी चस्पा की गई।
*चार सूत्रीय ज्ञापन की प्रमुख मांगें
*ADA टीम व आदेश देने वाले अधिकारियों का तत्काल निलंबन
डॉ. कुलदीप शर्मा व ADA अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई FIR की जांच IG स्तर के अधिकारी से कराई जाए,
ध्वस्त किए गए मकान का मुआवजा दोषी अधिकारियों के वेतन और जमा राशि से दिया जाए
ADA पर मुख्यमंत्री कार्यालय या मुख्य सचिव का सीधा नियंत्रण स्थापित किया जाए ताकि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण हो और दलालों की भूमिका समाप्त हो।
प्रदर्शन के दौरान अजमेर विकास प्राधिकरण के मुख्य द्वार पर जुलूस को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।जिस पर प्रदर्शनकारियों ने वहीं आधे घंटे तक नारेबाजी की। “ADA चोर है”, “ADA हाय-हाय” जैसे नारे गूंजते रहे। इतना ही नहीं, आक्रोशित ब्राह्मण समाज द्वारा दोषी अधिकारियों के नाश हेतु प्रतीकात्मक टोटका भी किया गया,।जो स्थानीय जनता में चर्चा का विषय बना रहा।
डॉ. कुलदीप शर्मा व उनकी पत्नी डॉ. गायत्री शर्मा द्वारा अपनी आपबीती और बच्चों के साथ हुई घटना का विवरण साझा किए जाने पर माहौल भावुक हो गया और उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो गईं। डॉक्टरों में भारी आक्रोश देखा गया और अजमेर के सभी निजी अस्पताल पूर्णतः बंद रखे गए।
सूत्रों से मिली जानकारी जाँच कमेटी का किया गठन है । पंडित सुदामा शर्मा ने बताया कि जेईएन रघुनंदन सिंह को ससपेंड कर दिया गया है। वहीं मौके पर गए 7 होमगार्ड को हटा दिया गया है। वहीं राज काज में बाधा का गठित कमेटी सात दिनों में जाँच कर FR लगा दी जाएगी । मकान निर्माण प्रारंभ कराया जाएगा, वहीं कोर्ट द्वारा जो निर्णय होगा । वह सभी को स्वीकार होगा ।कमेटी की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह राठौड़ करेंगे। कमेटी में अजमेर विकास प्राधिकरण की निदेशक (वित्त) प्रतिभा चूण्डावत, तहसीलदार ओम सिंह लखावत और सहायक विधि परामर्शी नंद किशोर बाकोलिया हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में राजस्थान ब्राह्मण महासभा के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अजय शर्मा (पूर्व न्यायाधीश), जिला अध्यक्ष सुदामा शर्मा, राहुल भारद्वाज, बृजेश गौड़, इंजीनियर अशोक शर्मा, डॉ. रामनिवास शर्मा, यज्ञ नारायण गौड़, नरेश मुद्गल, जे.के. शर्मा, दिनेश शर्मा, डॉ. गायत्री, डॉ. लाल थदानी, डॉ. राजकुमार गुप्ता, डॉ. नितिन सनाढ्य सहित सैकड़ों डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे।
ज्ञातव्य हो कि इस प्रकरण की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, व पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ ने भी ज़िला कलक्टर से बात की ।