अंकित सिंह,भरगामा(अररिया)
भरगामा। लोगों को अपने हीं पंचायत में विभिन्न समस्याओं के समाधान सहित सभी प्रकार के सरकारी सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने पंचायत भवन का निर्माण कराया है,लेकिन सरकारी उदासीनता से ग्रामीणों को पंचायत भवन में पंचायत सचिव,कार्यपालक सहायक,राजस्व कर्मचारी,विकास मित्र,पीआरएस,किसान सलाहकार,तकनीकी सहायक,लेखापाल,कचहरी सचिव,आवास सहायक स्वच्छता पर्यवेक्षक के जरिए उनके किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। विभिन्न विभागीय कर्मियों के लगातार अनुपस्थित रहने से पंचायत भवन में ताला लटक रहा है।
इससे विभिन्न पंचायतों के ग्रामीणों के बीच काफी आक्रोश व्याप्त है। बता दें कि ग्रामीणों की शिकायत पर गुरुवार को ऑफिस समय में सिमरबनी,कुसमौल,जयनगर,शंकरपुर,सिरसियाकला,रघुनाथपुर उत्तर,विषहरिया पंचायत भवन पहुंचकर पड़ताल किया गया तो इस कार्यालय में पूर्णरूपेण ताला बंद पाया गया। जबकि मनुल्लाहपट्टी पंचायत सरकार भवन में कार्यपालक सहायक मोनिका कुमारी को छोड़कर अन्य सभी कर्मी अपने ड्यूटी से अनुपस्थित थे।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उपरोक्त पंचायत कार्यालय कभी-कभार हीं कुछ समय के लिए खुलता है,अधिकतर बंद हीं रहता है,मगर कोई इसकी सुध लेने वाला नहीं है। वहीं विषहरिया पंचायत के वर्तमान सरपंच आजम अनवर ने कहा कि स्थानीय ग्रामीण विभिन्न जरुरी कार्यों को लेकर विषहरिया पंचायत कार्यालय का चक्कर लगाते हैं,लेकिन उन्हें प्रत्येक दिन पंचायत कार्यालय में ताला हीं लगा मिलता है। बताया गया कि उक्त कार्यालय को देखने-सुनने वाला कोई नहीं है।
यहां नशेरियों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां पदस्थापित कर्मियों का जब नींद खुलता है तब या नहीं तो फिर किसी भी पदाधिकारी के द्वारा उक्त कार्यालय का निरीक्षण को आने की सूचना मिलने पर हीं चंद मिनटों के लिए हाजिर होते हैं। इस संबंध में डीएम अनिल कुमार से वार्ता किया गया तो उन्होंने बताया कि देर से कार्यालय आने व जल्दी जाने वाले कर्मी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जायेगा।