फोटो: घटना के बाद रो-रो कर अपनी दर्द बयां करती मृतक नयन की बेटी रूबी देवी।
अंकित सिंह,भरगामा (अररिया)
हे हो बाबू गुड्डू के डिपो पर हो-हल्ला होय के कुछे देर बाद अचानक गुड्डू और ओकर साथ के 20 से 25 आदमी हमर घर के घेर लेलकअ और दुवाड़ पर सुतल हमर बाबू नयन यादव कैय खूंटा में बाईंध देलकअ। बाबू के खूंटा में बांधे के बाद ओकड़ मारते-मारते जान लैय लेलकअ। ई सब करके के भी मन ने भरलअ ते बाबूजी के लाश कैय हमरे घर में फैक कैय घरे में आइग लगाय देलकअ। उक्त बातें नयन यादव की बेटी रूबी देवी ने कही।
रूबी ने बताई कि घटना के समय मैं भी उसी घर में सोई हुई थी मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर घर से बाहर निकली और अपने पति को फोन कर जान बचाने की गुहार लगाई।मौके पर पति को पहुंचने के बाद मैं अपने पति के साथ अपने माइके से अपने ससुराल खजुरी आ गई। रूबी देवी का कहना है कि मैं और मेरी मां हबिया देवी,भौजाई और भाई सौरव कुमार घर में सो रहे थे कि अचानक शुक्रवार की देर रात्रि को लगभग 02 बजे पंचायत समिति सदस्य गुड्डू यादव के गिट्टी-सीमेंट डिपो पर हो-हल्ला हुआ।
हो-हल्ला होने के कुछ हीं देर बाद पंचायत समिति सदस्य गुड्डू यादव 20 से 25 आदमी के साथ हथियार से लैस होकर मेरे माइके वाले घर को घेर लिया। घर घेरने के बाद सर्वप्रथम मेरे पिताजी नयन यादव को बंधक बनाकर खूंटा में बांधकर उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद घर के दरवाजे को कुल्हाड़ी से तोड़ दिया और मेरे पिताजी नयन यादव के शव को उसी घर में फैंक कर पेट्रोल छींटकर आग लगा दिया।
रूबी के अनुसार उनके भाई सौरव कुमार और उनकी भौजाई घर में बने चाल के ऊपर छिपकर बैठा हुआ था,लेकिन फिर भी दरिंदों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा उनकी भी पैर में गोली मार दी। रूबी के अनुसार घटना के बाद से उनके भाई सौरव और उनकी भौजाई का कोई अता-पता नहीं है। हालांकि थानाध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है किया इस दोहरी हत्या के मद्देनजर हर बिन्दओं पर गहन पड़ताल जारी है। अपराधी किसी भी हाल में नहीं बख्शे जाएंगे।