छपरा :डिजिटल जीवन में जाकर समय बर्बाद करने से बेहतर उससे बाहर निकल कर अध्ययन करने ज़रूरत: स्वामी अतिदेवानंद जी महाराज

Rakesh Gupta
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आइडियल स्कॉलर्स पब्लिक स्कूल का धूमधाम से मनाया गया 14वां वार्षिकोत्सव:

छपरा :अपने 25 वर्षों तक किसी प्रकार चिंतन नहीं करना चाहिए, क्योंकि उस उम्र तक केवल पढ़ाई लिखाई के माध्यम से आगे बढ़ने का समय होता है।
उक्त बातें रामकृष्ण मिशन आश्रम छपरा के सचिव स्वामी अतिदेवानंद जी महाराज ने स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने यह भी कहा कि हर समय यह कोशिश करनी चाहिए कि विद्यार्थी जीवन बहुत ही ज्यादा कीमती होता है। मोबाइल वाली जिंदगी यानी डिजिटल जीवन में जाकर समय बर्बाद करने से बेहतर उससे बाहर निकल कर अध्ययन करना चाहिए।

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स्थानीय प्रभुनाथ नगर स्थित आइडियल स्कॉलर्स पब्लिक स्कूल का 14वां वार्षिकोत्सव काफ़ी हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। जिसका विधिवत उद्घाटन रामकृष्ण मिशन आश्रम छपरा के सचिव स्वामी अतिदेवानंद जी महाराज, जय प्रकाश विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमरनाथ प्रसाद, कॉमर्स कॉलेज पटना के प्रो (डॉ ) वाल्मीकि, सामाजिक कार्यकर्ता संजीव चौधरी, अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह, उक्त विद्यालय के निदेशक समीर कुमार और संस्थापिका डॉ अंजली सिंह, शहर की प्रसिद्ध संगीत शिक्षिका प्रियंका कुमारी और कंचन बाला के द्वारा संयुक्त रूप दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय छपरा की संचालिका बी के अनामिका दीदी ने स्कूली बच्चों को ज्ञान और ध्यान का महत्व को बारीकी से समझाते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए सकारात्मक सोच और एकाग्रता बेहद जरूरी है। नियमित ध्यान करने से मन शांत रहता है और पढ़ाई में मन लगता है। बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने, समय का सदुपयोग करने तथा अनुशासन में रहने की प्रेरणा दी गई। इस दौरान उन्होंने तनावमुक्त जीवन जीने के सरल उपाय भी बताए। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ध्यान अभ्यास कर मानसिक शांति का अनुभव किया।

जय प्रकाश विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमरनाथ प्रसाद ने शिक्षकों को सलाह देते हुए कहा कि सबसे पहले अपने आपको पूर्ण रूप से पकाइए फिर बच्चों को पढ़ाइए। क्योंकि जब तक आप पकेंगे नहीं तब तक दूसरे को ज्ञान नहीं दे पाएंगे। इसका सीधा मतलब है कि बच्चों को सही शिक्षा देने से पूर्व शिक्षकों को पहले पढ़ना होता है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उपस्थित अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की गई।

स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।इस अवसर पर कौशिकी रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इंजीनियर ललित कुमार सिंह, सचिव सुरेश राय, संरक्षक सह वरीय पत्रकार धर्मेंद्र रस्तोगी, वरीय पत्रकार सह अधिवक्ता अमित रंजन, स्कूल के उप प्राचार्य सत्येंद्र कुमार सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय के संस्थापक समीर कुमार और संस्थापिका डॉ अंजली सिंह के द्वारा संयुक्त रूप आगत अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत किया गया। जबकि मंच संचालन बी के दिवाकर और धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की संस्थापिका डॉ अंजली सिंह ने किया।

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