छपरा। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने आज स्पष्ट संदेश दिया कि जन समस्याओं के निवारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 के तहत आयोजित द्वितीय अपील की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने न केवल समस्याओं का समाधान किया, बल्कि दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
*प्रमुख कार्रवाई और फैसले*
*शिक्षा विभाग पर गाज*सेवानिवृत्त बीईओ कन्हैया जी शुक्ला के चिकित्सा प्रतिपूर्ति और महंगाई भत्ते के भुगतान में दो साल की देरी को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। जांच में दोषी पाए गए जिला शिक्षा कार्यालय के तत्कालीन प्रधान सहायक के विरुद्ध अविलंब स्पष्टीकरण मांगते हुए प्रपत्र “क” गठित करने का आदेश दिया गया। वहीं निबंधन कार्यालय में गड़बड़ी को लेकर सदर प्रखंड के दीपक कुमार मिश्रा द्वारा दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने सेवानिवृत्त अभिलेखापाल के विरुद्ध बिहार पेंशन नियमावली के तहत अनुशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु प्रपत्र “क” गठित करने का निर्देश जिला अवर निबंधक को दिया।*सुनवाई का लेखा-जोखा* कुल मामले16, अंतिम निष्पादन 09 और अगली तिथि हेतु लंबित: 07 पूर्ण प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि”लोक शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निवारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी लोक प्राधिकार सजग और संवेदनशील रहें। फाइलों को अटकाने वाले कर्मियों को चिन्हित कर उन पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।”
