छपरा नर्स अंजलि मौत मामला: हत्या या उकसावे की आत्महत्या? एसआईटी जांच में सामने आए अहम तथ्य

Rakesh Gupta
- Sponsored Ads-

रेल एसपी वीणा कुमारी का बयान-अफवाहों से बचें, हर पहलू पर निष्पक्ष जांच जारी

सीसीटीवी, एफएसएल और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर टिकी जांच, अंतिम निष्कर्ष बाकी


छपरा। शहर के एक निजी क्लीनिक में कार्यरत अंजली कुमारी 24/25 वर्षीय नर्स की संदिग्ध मौत का मामला जिले में गहरी चिंता, आक्रोश और बहस का विषय बना हुआ है। युवती का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद जहां एक ओर हत्या और गैंगरेप की आशंकाएं जताई जा रही थीं, वहीं रेल पुलिस की अब तक की जांच में मामले ने एक अलग मोड़ लिया है। इस संवेदनशील घटना को लेकर ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया गया तथा दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग उठी।


मृतका के पिता जितेंद्र राय द्वारा हत्या का आरोप लगाते हुए दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर रेल थाना, छपरा कांड संख्या 258/25 के तहत धारा 103(1)/70(1)/238 BNS में मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस ने शुरुआत से ही इसे हाई प्रोफाइल केस मानते हुए जांच तेज कर दी।

- Sponsored Ads-


एसआईटी गठित, प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल एसपी का खुलासा
मुजफ्फरपुर रेल एसपी वीणा कुमारी ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस मामले पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी नहीं करेगी और हत्या, आत्महत्या अथवा उकसावे की भूमिका-सभी बिंदुओं पर समान रूप से जांच की जा रही है।रेल एसपी ने बताया कि अब तक के अनुसंधान में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, डॉग स्क्वॉड जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गहराई से खंगाला गया है।


मेडिकल बोर्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत नहीं
इस मामले में गठित संयुक्त मेडिकल बोर्ड, जिसमें डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विवेक राज एवं डॉ. निशा कुमारी शामिल हैं, द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सा विज्ञान में इसे अज़ोस्पर्मिया कहा जाता है। इसका मतलब है कि वीर्य के नमूने में शुक्राणुओं की संख्या शून्य पाई गई है।जिससे प्रारंभिक तौर पर यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं होती प्रतीत हो रही है। हालांकि अंतिम राय एफएसएल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले पर कुछ कहा जा सकता है।


उकसावे की आत्महत्या के मिले संकेत, हत्या की जांच भी जारी
रेल पुलिस के अनुसार अब तक उपलब्ध साक्ष्यों-सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी डेटा और फॉरेंसिक जांच-से यह संकेत मिले और संभावना हैं कि यह मामला रेलवे ट्रैक पर उकसावे की आत्महत्या से जुड़ा हो सकता है। बावजूद इसके, पुलिस ने हत्या की सभी संभावनाओं को खुला रखते हुए जांच जारी रखी है।


अफवाहों से दूर रहने की अपील
रेल एसपी वीणा कुमारी ने आम जनता से अपील की है कि इस संवेदनशील प्रकरण में किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई भी ठोस या उपयोगी जानकारी हो, तो वह रेल थाना, छपरा से संपर्क कर सकता है। वहीं l
पुलिस का कहना है कि अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच, सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत विश्लेषण और अन्य प्रत्यक्ष-परोक्ष साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान पूरा किया जाएगा। जांच पूर्ण होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

- Sponsored Ads-
Share This Article
Leave a Comment