छपरा :सावित्रीबाई फुले का नाम सम्मान और साहस का प्रतीक : प्राचार्य

Rakesh Gupta
परिचर्चा में भाग लेते प्राचार्य एवं अन्य शिक्षक गण
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छपरा :गंगा सिंह महाविद्यालय, छपरा के एनएसएस यूनिट-1 की ओर से भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

परिचर्चा को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो प्रमेन्द्र रंजन सिंह ने कहा कि भारतीय इतिहास में सावित्रीबाई फुले का नाम सम्मान और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत का पहला बालिका विद्यालय शुरू करने का श्रेय सावित्रीबाई फुले को जाता है। उन्होंने ‘महिला सेवा मंडल’ की भी स्थापना की थी, जहां महिलाएं अपने अधिकारों और समस्याओं पर विमर्श कर सकती थीं। सावित्रीबाई फुले मराठी कवयित्री भी थीं। उनकी कविताएं शिक्षा और समानता का संदेश देती हैं। शिक्षा, महिला अधिकार और जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ उन्होंने जो संघर्ष किया, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।

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कार्यक्रम का संचालन एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ कमाल अहमद ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापक प्रो अंज़र आलम, डॉ संतोष कुमार सिंह, डॉ कुमकुम रे, डॉ राजेश कुमार सिंह, डॉ रुद्र नारायण शर्मा, डॉ हरिमोहन, डॉ नीलेश कुमार झा आदि के अलावा छात्र-छात्राओं की अच्छी उपस्थिति रही।

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