2027 तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य, उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
छपरा। मुख्यमंत्री नीतीश ने सोमवार को सारण जिले के सोनपुर क्षेत्र में चल रहे पटना–बेतिया एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य के प्रथम खंड का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए कार्य में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
मुख्यमंत्री ने बाकरपुर-मानपुर सड़क मार्ग पर रुककर निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और कार्य में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह परियोजना उत्तर बिहार की प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक है, जिसका लक्ष्य अप्रैल 2027 तक पूरा करना निर्धारित है।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना–बेतिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पटना से बेतिया जाने में लगने वाला समय इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद काफी घट जाएगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह परियोजना सारण, सीवान, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों को सीधे राजधानी पटना से जोड़ेगी। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा कर बाधाओं को दूर किया जाए।
इस अवसर पर पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव एवं अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सारण के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने भी निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति से अवगत कराया।
सरकार का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से उत्तर बिहार के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण से स्पष्ट संकेत मिला है कि सरकार परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए पूरी तरह गंभीर है।
