(हरिप्रसाद शर्मा ) पुष्कर/ अजमेर/ धार्मिक नगरी पुष्कर में दाधीच समाज द्वारा रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई । कार्यक्रम में प्रातः 8 बजे अखिल भारत वर्षीय दाधीच आश्रम समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित देवीलाल शास्त्री, संयोजक कैलाश नाथ दाधीच द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र पुष्कर सरोवर के जल व पंचामृत से भगवान शंकर व महर्षि दधीचि ऋषि का अभिषेक पूजन महा आरती के साथ पुष्कर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध नगाड़ा वादक टीम द्वारा झालर, शंख ,मंजीरे के साथ सुन्दर मनमोहक प्रस्तुती दी।
इस अवसर पर पंडित नथमल शास्त्री पूर्व प्रधानाध्यापक भीमसर ( छापर) चुरू राजस्थान के विद्वान पंडित आर्चाय द्वारा7 दिवसीय श्रीमद्भागवत के मुल पाठ दाधीच जयन्ती महोत्सव पर विश्राम की। पंडित नथमल शास्त्री ने बताया की तीर्थ गुरु पुष्कर मे अर्थवा नन्दन महर्षि दधीचि की तप स्थली रही है। बताया जाता है कि सतयुग मे महर्षि दधीचि ने अपने सद्गुरु देवाधिदेव भगवान महादेव से मंत्र विद्या की दीक्षा लेकर पुष्कर मे एक सौ वर्षो तक इस मंत्र की कठोर तपस्या की थी।
इसके फलस्वरूप श्री राधै रानी ने महर्षि को दर्शन देकर कृतार्थ किया। तथा दिव्य गोलोक धाम प्राप्ति का इच्छित वरदान दिया। महर्षि दधीचि जन्मोत्सव के साथ राधाष्टमी पर्व भी बडे धूमधाम के साथ मनाना चाहिए। सभी विद्वानजनो के सानिध्य में सिद्ध मंत्र की घाट पर स्थापना की।
पंडित देवीलाल शास्त्री, घीसालाल पाटोदिया, सुशील दाधीच, प्रेम सागर शर्मा, पंडित कमल नयन दाधीच, रतन लाल शास्त्री महर्षि का अभिषेक किया पूजा अर्चना के साथ भव्य महा आरती कर प्रसाद वितरण किया।
इसी क्रम मे दोपहर 4 बजे बोर्ड परिक्षा परिणाम मे 80% अंक प्राप्त करने वाले बालक-बालिकाओ व समाज की प्रतीभाओ का सम्मान समारोह आयोजित किया जायेगा। शाम को सभी दाधीच समाज बन्धओ की सामुहिक महा प्रसादी का आयोजन रखा गया है। इस कार्यक्रम मे सत्यनारायण तिवाड़ी, पवन भाभडा, अन्जु व्यास, कुलदीप दाधीच, सत्यनारायण पाटोदिया, जयकिशन खटोड, धनराज दाधीच ,गौरव दाधीच, नीरज मिश्रा, गौतम डोलीया जयन्ती महोत्सव के कार्यक्रम को सफल बनाने मे अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।