दिघवारा।दिघवारा मुख्य बाजार में जिला परिषद स्थित एग्रीमेंट किए गए आठ दुकानों को पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर सोनपुर एसडीओ स्निग्धा नेहा की उपस्थिति में मंगलवार को सील किया गया।इस दौरान दिघवारा बाजार में दिन भर गहमागहमी देखने को मिली।दुकानें सील होने की जानकारी के साथ सभी दुकानदारों द्वारा प्रशासन के खिलाफ रोष भी व्यक्त किया गया।इस दौरान विवाद होने की आशंका के बीच प्रशासन द्वारा मुख्य बाजार में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी |
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,वहीं दुकानदारों का आरोप था कि वर्ष 2015 में निविदा के अनुसार आवेदन पत्र के साथ निर्धारित रकम भी जमा की गई थी।उसके आलोक में जिला परिषद द्वारा 2020 में सभी दुकानदारों को दुकान आवंटन के लिए आवंटित पत्र दिया गया था और छह माह के भीतर ही आवंटित पत्र को रद्द करते हुए 2022 में पुनः दुकानों के लिए आवंटन पत्र निर्गत किया।उसी के आधार पर दुकानदारों ने पटना उच्च न्यालय में मुकदमा दायर कर इंसाफ की गुहार लगाई |
।इसी बीच 2025 में जो दुकानदार जहां जहां अर्धनिर्मित दुकानों में अपनी दुकानदारी चलाकर जीवकोपार्जन कर रहे थे,उसी दौरान आनन फानन में जिला परिषद द्वारा एक माह के अंदर एग्रीमेंट कर दिया गया।एग्रीमेंट होते ही दुकानदार अर्धनिर्मित दुकानों में लाखों रुपए खर्च कर दुकानों को सुसज्जित तरीके से बनाया और 31 जनवरी 2026 को पटना उच्च न्यायालय ने 2022 में जिला परिषद द्वारा दिए गए आवंटन पत्र के आधार पर दुकानों को देने की आदेश दिया जिसके आलोक में मंगलवार को उक्त आठ दुकानों को खाली करवा कर सील कर दिया गया।
इस दौरान प्रशासन तथा दुकानदारों के बीच थोड़ी बहस भी हुई और दुकानदारों द्वारा जिला परिषद के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।अब देखना है कि आखिर कब तक ये दुकानदार जिला परिषद के कारनामे से उबर पाएंगे।बता दें कि दिघवारा बाजार छपरा हाजीपुर के बीच एक मुख्य बाजार हुआ करता था और आज स्थिति यह है कि जिला परिषद की कारगुजारी के कारण यह मुख्य बाजार एक चट्टी नुमा बाजार की शक्ल बन कर रह गया है और विस्थापित दुकानदार अपनी किस्मत को कोस रहे हैं।
