डॉ०संजय ( हाजीपुर)-
स्थानीय बीका में जिला पदाधिकारी,वर्षा सिंह की अध्यक्षता में पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े जनप्रतिनिधियों यथा- मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, पैक्स अध्यक्ष एवं सदस्य एवं अन्य के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री (फार्मर पंजीकरण) तथा अन्य कृषि संबंधी विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई। जिला पदाधिकारी द्वारा एग्री स्टैक परियोजना के तृतीय चरण के तहत जिले के सभी किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों से सहयोग का आह्वान किया गया।
परिचर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा जमीनी स्तर पर आने वाली विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं को साझा किया गया तथा उनके समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त हुए। इन सुझावों पर विचार-विमर्श करते हुए पूरे वैशाली जिले में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को सफल बनाने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की गई।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक तंत्र एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयास से ही इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अधिकतम संख्या में उनका पंजीकरण कराया जाए।
उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री पहल किसानों को एक डिजिटल पहचान प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है ताकि उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सरल रूप से मिल सके।
फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत किसान अपना पंजीकरण निःशुल्क रूप से सभी सीएससी/वसुधा केंद्रों पर करा सकते हैं। इसके अलावा किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार अथवा राजस्व कर्मचारी की सहायता से भी पंजीकरण करा सकते हैं। इच्छुक किसान स्वयं भी ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं।
पंजीकरण के लिए किसान के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा स्वयं के नाम से जमाबंदी होना आवश्यक है। पंजीकरण के पश्चात किसान को एक विशिष्ट फार्मर आईडी प्रदान की जाती है जो उनकी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगी।
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, केसीसी, सहायता अनुदान तथा फसल क्षति पर राहत जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। सभी योजनाओं का लाभ एक ही डिजिटल पहचान के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा।
फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तृतीय चरण 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। किसान बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल के माध्यम से अथवा क्यूआर कोड स्कैन कर स्वयं भी अपना फार्मर आईडी बना सकते हैं, या नजदीकी सीएससी /वसुधा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।
फार्मर रजिस्ट्री से वंचित रहने वाले किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है। अतः सभी किसानों से अपील है कि वे समय पर फार्मर रजिस्ट्री कराकर इस महत्वपूर्ण पहल का लाभ अवश्य उठाएं।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता (आपदा), अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा सभी अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर उत्साहपूर्वक जिले के प्रत्येक किसान को फार्मर रजिस्ट्री से आच्छादित करने का संकल्प लिया।
