(हरिप्रसाद शर्मा) जयपुर/ राजस्थान में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम (NRCP) के तहत संकलित आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में राज्य में 18.42 लाख से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं। चिंताजनक बात यह है कि बीते तीन वर्षों से हर साल 4 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021-22 में डॉग बाइट के 88,259 मामले दर्ज हुए थे, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 5,93,999 तक पहुंच गए। यानी पांच वर्षों में मामलों में करीब 573 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा न केवल आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या की ओर इशारा करता है, बल्कि नियंत्रण और रोकथाम उपायों की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करता है।
हर साल बढ़ रहा डॉग बाइट का ग्राफ
राज्य में डॉग बाइट के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2022-23 में 2.78 लाख, 2023-24 में 4.27 लाख और 2024-25 में 4.60 लाख मामले सामने आए। वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा करीब 6 लाख तक पहुंच गया। कुल मिलाकर पांच वर्षों में 18,42,617 मामले दर्ज किए गए हैं।
राजस्थान में डॉग बाइट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में राज्य में 88,259 मामले सामने आए थे। इसके बाद 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 2,78,244 हो गई। वर्ष 2023-24 में 4,27,806 मामले दर्ज हुए, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा 4,60,309 तक पहुंच गया। वर्ष 2025-26 में डॉग बाइट के 5,93,999 मामले दर्ज किए गए। इस तरह पिछले पांच वर्षों में राज्य में कुल 18,42,617 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं।
अलवर सबसे ऊपर, जयपुर पांचवें स्थान पर
वर्ष 2025-26 में डॉग बाइट के मामलों में अलवर सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा, जहां 47,910 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद श्रीगंगानगर में 38,331, बीकानेर में 35,796, डीग में 34,087 और जयपुर में 33,595 मामले सामने आए। वहीं धौलपुर में 32,688, बीावर में 29,430, कोटा में 29,173, हनुमानगढ़ में 27,184 तथा भीलवाड़ा में 23,858 डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए।
ये जिले वर्ष 2025-26 में डॉग बाइट की घटनाओं के लिहाज से राज्य के शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहे। वर्ष 2025-26 में डॉग बाइट के मामलों में अलवर राज्य में सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा, जहां 47,910 मामले दर्ज हुए। इसके बाद श्रीगंगानगर, बीकानेर, डीग और जयपुर का स्थान रहा।
बड़े शहर भी नहीं सुरक्षित
राजधानी जयपुर में 33,595 मामले दर्ज हुए, जबकि अजमेर में 20,765, कोटा में 29,173, भीलवाड़ा में 23,858 और चूरू में 23,353 मामले सामने आए। अलवर, श्रीगंगानगर, धौलपुर, डीग, बीकानेर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में भी लगातार उच्च संख्या चिंता बढ़ा रही है।
रेबीज का खतरा बढ़ा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डॉग बाइट के बाद समय पर उपचार और एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगने पर रेबीज जैसी घातक बीमारी का खतरा रहता है। इसलिए किसी भी कुत्ते के काटने की घटना को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
