डॉ० संजय (हाजीपुर)- स्थानीय एक निजी होटल के सभागार में जीविका द्वारा जेंडर इंटीग्रेशन एवं “नयी चेतना 4.0 – जेंडर दृष्टिकोण से आजीविका की पुनर्कल्पना” विषय पर जिलाधिकारी, वैशाली, वर्षा सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जेंडर इंटीग्रेशन के विशेषज्ञों एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किए गए।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी, वर्षा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लैंगिक समानता के विषय पर जीविका द्वारा आयोजित यह कार्यशाला अत्यंत प्रशंसनीय पहल है।
उन्होंने कहा कि समाज के संयुक्त प्रयासों से महिलाओं की स्थिति में पूर्व की तुलना में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, किंतु अभी भी व्यापक परिवर्तन की आवश्यकता है। यह परिवर्तन हमारी सोच में बदलाव लाकर ही संभव है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने घरों, कार्यालयों एवं सामाजिक परिवेश में महिलाओं के प्रति परंपरागत सोच से बाहर निकलकर उन्हें समान सम्मान एवं अधिकार देंगे तभी समावेशी एवं संतुलित विकास संभव होगा और समाज के सभी वर्ग समान रूप से आगे बढ़ सकेंगे।
कार्यशाला के दौरान लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करने, सभी को साथ लेकर चलने, महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने, सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के प्रति परंपरागत एवं रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में जेंडर दृष्टिकोण के समावेशन को लेकर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया ।
जिसमें जीविका दीदियों ने भी अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए।कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित भी किया गया। प्रखंड गोरौल में दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उल्लेखनीय कार्य करने वाली सामुदायिक समन्वयक रश्मि कुमारी को जिलाधिकारी ने स्वयं उनके पास पहुँचकर प्रशस्ति -पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वंदना कुमारी, जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका; जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस; जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव; संचालक प्राची प्रिया; प्रबंधक स्वास्थ्य एवं पोषण; प्रबंधक सामाजिक विकास सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
