डॉ० संजय (हाजीपुर)- मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव द्वारा तिरहुत एवं दरभंगा प्रमंडल के आयुक्तों तथा संबंधित जिला पदाधिकारियों के साथ “सात निश्चय–3” के अंतर्गत सातवें निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान” विषय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सातों निश्चयों के तहत की जा रही प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिला पदाधिकारी, वैशाली, वर्षा सिंह ने संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।इसके तहत प्रथम निश्चय : दोगुना रोजगार–दोगुनी आय के अंतर्गत मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को और अधिक विस्तार देने तथा जाति आधारित गणना में वैशाली जिले में चिन्हित लगभग 3,13,000 गरीब परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया।
दूसरा निश्चय : समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार के अंतर्गत सरकारी भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कर औद्योगिक क्षेत्र के विकास को गति देने पर जोर दिया गया। जिले में प्रत्येक बृहस्पतिवार “उद्योग वार्ता” कार्यक्रम के माध्यम से निवेशकों की समस्याओं के समाधान किये जा रहे हैं।तीसरा निश्चय : कृषि में प्रगति–प्रदेश की समृद्धि के अंतर्गत मखाना उत्पादन के लिए विशेष रोडमैप तैयार करने, डेयरी एवं मत्स्य पालन समितियों का गठन करने तथा प्रत्येक पंचायत में सुधा डेयरी विक्रय केंद्र खोलने पर बल दिया गया।
स्थानीय कृषि उत्पादों के विपणन को सुदृढ़ करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए।चौथा निश्चय : उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य के तहत प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज एवं आदर्श विद्यालय स्थापित करने तथा पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।वैशाली जिले में बिदुपुर एवं पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में डिग्री कॉलेज के लिए भवन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। आर.एन. कॉलेज, हाजीपुर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। जुलाई माह से डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
पांचवां निश्चय : सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन के अंतर्गत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशलिटी अस्पताल तथा जिला अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया।नए मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड में स्थापित करने, निजी अस्पतालों को प्रोत्साहन देने, दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों को विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध कराने तथा सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर रोक की नीति को प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया गया।छठा निश्चय : मजबूत आधार–आधुनिक विस्तार के अंतर्गत आधारभूत संरचनाओं के विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं के तहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।सातवां निश्चय : सबका सम्मान–जीवन आसान के अंतर्गत प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार का प्रतिवेदन सेवा संवाद समाधान पोर्टल पर समय से अपलोड करने का निर्देश दिया गया। 20 फरवरी 2026 को आयोजित जनता दरबार में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की गई।
प्रत्येक पंचायत में श्मशान घाट एवं कब्रिस्तानों को चिन्हित कर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने, पंचायत निधि से पहल करने तथा 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया गया। बड़े मोक्ष धाम के विकास के लिए जिला परिषद को कार्रवाई करने को कहा गया।जिला पदाधिकारी ने बताया कि “सबका सम्मान–जीवन आसान” के तहत जिले में कई नवाचार लागू किए गए हैं प्रत्येक बृहस्पतिवार “उद्योग वार्ता” का आयोजन, स्वास्थ्य केंद्रों पर टोकन प्रणाली, बैठने एवं पेयजल की व्यवस्थाआईसीडीएस द्वारा “जियो नन्ही परी” पहल, शिक्षा विभाग द्वारा “मस्ती की पाठशाला” के माध्यम से वंचित बच्चों को शिक्षा, प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर हाइजीन किट एवं वजन मापने की मशीन की उपलब्धता, निबंधन कार्यालय, वैशाली में “पहले आओ–पहले सेवा पाओ” टोकन प्रणाली (राज्य में प्रथम पहल)प्रत्येक पंचायत में वसुधा केंद्र की स्थापनाप्रत्येक प्रखंड में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था, बस स्टॉप एवं ग्रामीण हाटों को चिन्हित कर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की कार्रवाई के लिए पहल की जा रहीं हैं।जिला प्रशासन वैशाली “सात निश्चय–3” के सभी बिंदुओं पर समन्वित एवं जनकेन्द्रित प्रयास करते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जिले के प्रत्येक नागरिक का सम्मान बना रहे और उनका जीवन सरल एवं सुगम हो सके।
