हाजीपुर:किसान रजिस्ट्री में वैशाली जिला रचा इतिहास 2 लाख किसानों का आंकड़ा पार, 94% उपलब्धि के साथ राज्य में शीर्ष स्थान पर

Rakesh Gupta
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डॉ० संजय (हाजीपुर)-

जिलाधिकारी, वर्षा सिंह के सशक्त नेतृत्व एवं सतत मॉनिटरिंग में वैशाली जिले ने किसान रजिस्ट्री अभियान में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले में अब तक 2,01,765 किसानों का सफल पंजीकरण किया जा चुका है जो निर्धारित लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ वैशाली जिला राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पर कायम है।

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वैशाली जिले में किसान रजिस्ट्री अभियान का चौथा चरण 07 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक कैंप मोड में सघन रूप से संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी के स्पष्ट दिशा-निर्देश, सुनियोजित रणनीति, नियमित समीक्षा एवं प्रशासनिक सक्रियता के परिणामस्वरूप अभियान ने तीव्र गति पकड़ी है और अल्प समय में 2 लाख पंजीकरण का आँकड़ा पार किया गया है।

अभियान को पूर्णतः समावेशी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है। ऐसे किसान जो रोजगार के कारण अपने पंचायत अथवा प्रखंड से बाहर रहकर कार्य कर रहे हैं ,उनके पंजीकरण के लिए ओटीपी आधारित तकनीकी प्रक्रिया, डोर-टू-डोर संपर्क अभियान तथा विशेष शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रह जाए।

अभियान की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी द्वारा नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग तथा अब तक अछूते क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से अंतर-विभागीय सहभागिता को मजबूती मिली है जिससे पंजीकरण की गति निरंतर तेज हो रही है।

इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा भगवानपुर प्रखंड के मियां बैरों पंचायत में किसान (फॉर्मर) रजिस्ट्री कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बैठक कर कार्य में और तेजी लाने का निर्देश दिया गया। साथ ही कार्य में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन वैशाली का दृढ़ संकल्प है कि शत-प्रतिशत पात्र किसानों का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि सभी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से सीधे जुड़ सकें और कृषि क्षेत्र में समावेशी, पारदर्शी एवं सतत विकास को नई गति मिल सके।

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