मृगांक शेखर सिंह/ जमुई
जमुई के जिला पदाधिकारी श्री नवीन के कुशल निर्देशन में जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और बाल श्रम के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की गई। श्रम अधीक्षक श्री रतीश कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष धावा दल ने लक्ष्मीपुर ब्लॉक के विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन छापेमारी कर 02 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से बाल श्रम में संलिप्त नियोजकों के बीच हड़कंप मच गया है।
इस सफल अभियान के पश्चात दोषी नियोजकों के विरुद्ध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा 3 एवं 14(1) के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों एवं पुलिस बल की इस संयुक्त टीम ने बताया कि यह कार्रवाई ‘पैन-इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन 3.0’ (Pan-India Rescue and Rehabilitation Campaign 3.0) का हिस्सा है, जो जिले में निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बंधुआ मजदूरी, बाल श्रम और बाल तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और संलिप्त पाए जाने वालों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
