जमुई :राजस्व अधिकारियों के सामूहिक अवकाश को सरकार ने ठहराया अवैध

Rakesh Gupta
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मृगांक शेखर सिंह/ जमुई25 मार्च तक योगदान न देने पर होगी ‘सेवा टूट’ जैसी कठोर कार्रवाई। जमुई के जिला पदाधिकारी ने जिले के हड़ताल पर गए सभी राजस्व सेवा के अधिकारियों को कर्तव्य पर लौटने का किया अपील।जमुई:राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों द्वारा घोषित सामूहिक अवकाश को पूर्णतः अवैध घोषित कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में वर्तमान में संचालित महत्वपूर्ण विकासात्मक एवं जनहितकारी कार्यक्रमों के आलोक में अधिकारियों की अनुपस्थिति स्वीकार्य नहीं है।

विभागीय आदेश के अनुसार, राज्य में माननीय मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ और माननीय उपमुख्यमंत्री के ‘जनकल्याण संवाद’ जैसे उच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रम चल रहे हैं।मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा संसूचित इन कार्यक्रमों की सफलता और लोकहित की महत्ता को देखते हुए अधिकारियों का कर्तव्य पर होना अनिवार्य है। विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए निर्देश दिया है कि जो भी पदाधिकारी दिनांक 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक अपने कर्तव्य पर योगदान नहीं देंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ‘सेवा टूट’ (Service Break) जैसी प्रविष्टियां भी शामिल हो सकती हैं।

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सरकार ने यह भी उल्लेख किया है कि जो पदाधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पद पर योगदान दे देंगे, उनकी उक्त अवकाश अवधि को नियमानुसार सामंजस्य (Adjust) करने पर विचार किया जाएगा।

इसी क्रम में, जमुई के जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने जिले के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए सभी बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों से अपील किया है कि वे विभागीय आदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जमुई जिले के सभी संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से दिनांक 25 मार्च 2026 तक अपना योगदान देना सुनिश्चित करें। यदि निर्धारित समय तक अधिकारियों द्वारा योगदान नहीं दिया जाता है, तो विभागीय निर्देशानुसार उनके विरुद्ध अत्यंत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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