विद्या भवन महिला महाविद्यालय में विवेकानन्द समापन समारोह की जेपी विवि के कुलपति डॉ. परमेंद्र कुमार वाजपेई ने की प्रशंसा
विवेकानंद के बाल स्वरूप में नन्हें प्रथमेश ने कार्यक्रम को किया जीवंत
सिवान। शनिवार को नगर के जिले के विद्या भवन महिला महाविद्यालय सिवान में “विवेकानंद जयंती समापन समारोह” के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । इस कार्यक्रम सफल आयोजन पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति प्रो. डॉ. परमेंद्र कुमार वाजपेई ने जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरा कार्यक्रम उत्कृष्ट प्रबंधन का बेमिसाल उदाहरण था। महाविद्यालय के प्राचार्य सहित सभी शिक्षक ,कर्मचारी बधाई के पात्र है।
जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार मिश्रा ने भी पुरे प्रांगण में सम्पूर्ण कार्यक्रम के दौरान व्याप्त अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य सहित सभी शिक्षक , कर्मचारीयों के मध्य बेहतरीन सामंजस्य है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नन्हें प्रथमेश निधि त्रिपाठी का विवेकानंद जी के छवि का प्रदर्शन रहा ।विवेकानंद के बाल स्वरूप नन्हें प्रथमेश निधि त्रिपाठी ने कार्यक्रम को जीवंत कर दिया था। बाल स्वरूप नन्हें प्रथमेश निधि त्रिपाठी ने बड़ी गंभीरता के साथ स्वामी विवेकानंद जी के उद्धरण को दर्शकों के बीच मंच से रखा । “उठो, जागो और तब तक मत रुको,जबतक अपने लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” के शब्द जब नन्हें विवेकानंद जी के मुख से निकले तो दर्शक दीर्घा में तालियां बजने लगीं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में एक से बढ़ कर एक प्रस्तुति हुई, जहां छात्राओं ने पारंपरिक सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की,वही भारत की बेटियां आधुनिक मातृ शक्ति के भाव से सराबोर रहीं। एक ओर लोकगीत ने समां बांधा,तो मंत्री जी के भाषण ने छात्राओं को भविष्य की संभावनाओं से रुबरु कराया। कुलपति महोदय ने भी भारत की वीरांगनाओं के छवि प्रदर्शन की प्रशंसा भी की । सिवान की माटी नृत्य प्रस्तुति , रुक्मिणी कृष्ण संवाद रूपी नृत्य भी काफी सराहनीय रही। बेटी हिंदुस्तान की, मुझे क्या बेचेगा रुपैया आदि प्रस्तुति भी महिला सशक्तिकरण का माहौल बनाने में सफ़ल रहे। इस तरह के सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की काफ़ी सराहना की जा रही है। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम डॉ. अंशिका सिंह और डॉ.पूजा तिवारी के निर्देशन में तैयार कराए गए।
