वाराणसी: मिथिला के धरोहरों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मैथिल समाज लेगा प्रशासन का सहयोग

Rakesh Gupta
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*अवैध अतिक्रमण के कारण जीर्णशीर्ण हो गये हैं अधिकांश धरोहर*

*हौज कटोरा स्थित राममंदिर पर मैथिल समाज की हुई बैठक*

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बिहार न्यूज़ लाईव वाराणसी डेस्क: वाराणसी| वाराणसी की अग्रणी सामाजिक,साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था मैथिल समाज,उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण बैठक राज्य रियासत दरभंगा द्वारा हौज कटोरा में स्थापित राममंदिर पर हुई| बैठक का उद्देश्य मिथिला के धरोहरों को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराना था|

राज्य रियासत दरभंगा द्वारा हौज कटोरा में राममंदिर और ऐतिहासिक दरभंगा घाट व दरभंगा महल का निर्माण मिथिला के दर्शनार्थियों और तीर्थयात्रियों के लिए किया गया था जो कि आज अवैध अतिक्रमण की जद में है|

ऐसे ही ब्रह्मनाल चौक पर तारा मन्दिर,श्यामा छात्रावास गढवासी टोला चौक में काली मंदिर लक्सा स्थित सूरजकुंड में काली मंदिर,मीरघाट में मध्यमेश्वर महादेव आदि का निर्माण मिथिला के राजा रजवाड़ों द्वारा मिथिलांचल के विद्यार्थियों और तीर्थयात्रियों के लिए किया गया था लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि कुछ लोगों ने नीजी स्वार्थ के अतिक्रमित कर लिया है| अतिक्रमण के कारण मिथिला के सभी धरोहर जीर्णशीर्ण हो गये हैं,जिस कारण कभी भी जानमाल की हानि हो सकती है|

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मिथिला के धरोहरों को अवैध अतिक्रमणकारियों से मुक्त करवाकर इनको मूल स्वरूप में लाया जायेगा इसके लिए जिला प्रशासन, जिलाधिकारी,पुलिस कमिश्नर और प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया जायेगा जिससे कि मिथिलांचल के इन धरोहरों से अतिक्रमणकारियों को बाहर किया जा सके|

बैठक में संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता निरसन कुमार झा,बद्रिका आश्रम के महंत ईश्वर दास,काली मंदिर गोदौलिया के सेवयत आचार्य पं अमरनाथ झा,काली रमण,मनोज कुमार मिश्र,भोगेन्द्र झा, मनोज कुमार,गौतम कुमार झा (एडवोकेट)आदि लोग उपस्थित थे|

 

 

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