(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर /राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. राजेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। वह राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के पूर्व रजिस्ट्रार रह चुके हैं। यह गिरफ्तारी फर्जी एफएमजीसी सर्टिफिकेट और अवैध रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामले में हुई है। एसओजी ने इस मामले में डॉ. राजेश शर्मा समेत कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मिलीभगत से फर्जी सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन जारी किए गए, जिससे बिना योग्यता वाले लोगों को डॉक्टर के रूप में पंजीकृत कर दिया गया।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि डीआईजी पारिश देशमुख के नेतृत्व में राज्यभर में दबिश दी गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। एडीजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा किया। गौरतलब है कि इस मामले की जांच के लिए 1 अक्तूबर 2024 को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने 5 सदस्यीय कमेटी गठित की थी। अंतरिम रिपोर्ट में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर डॉ. राजेश शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
इस पूरे घोटाले का खुलासा एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए हुआ था, जिसमें सामने आया कि करीब 98 फर्जी डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन किया गया। इनमें ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्होंने न तो मेडिकल की पढ़ाई की थी और न ही इंटर्नशिप।
जांच में यह भी सामने आया कि आवेदकों ने फर्जी सर्टिफिकेट, एनओसी और अन्य दस्तावेज अपलोड किए थे। वहीं काउंसिल ने बिना उचित सत्यापन के जाली ई-मेल को वेरिफिकेशन के तौर पर फाइलों में जोड़कर रजिस्ट्रेशन जारी कर दिए। फिलहाल एसओजी मामले की गहन जांच में जुटी है और इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
