जमुई प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा के मद्देनजर भारी संख्या में डीजे जब्त, शांति भंग करने वालों को सख्त चेतावनी।
मृगांक शेखर सिंह/ जमुई:जमुई जिला प्रशासन रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा के पावन पर्व को पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इसी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु प्रशासन द्वारा जिले भर में एक सघन विशेष अभियान चलाकर बड़ी संख्या में डीजे (DJ) सेट जब्त करने की प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस अभियान के दौरान अकेले जमुई थाना क्षेत्र में ही दर्जनों से अधिक डीजे सेट जब्त किए गए हैं, जबकि जिले के अन्य सभी थानों में भी पुलिस बल द्वारा लगातार छापेमारी कर भारी संख्या में डीजे उपकरणों को अपने कब्जे में लिया जा रहा है।
यह सख्त कदम उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति, भड़काऊ गाने और आपत्तिजनक नारों को रोकने के निवारक उपाय के रूप में उठाया गया है।जिला प्रशासन द्वारा इन त्यौहारों की संवेदनशीलता को देखते हुए पूर्व में ही सभी डीजे संचालकों को विधिवत नोटिस जारी कर अपने उपकरण जमा करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, जिन संचालकों ने सरकारी आदेशों की अवहेलना की और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने डीजे सेट जमा नहीं किए, उनके विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आस्था और उत्साह के इन पर्वों में किसी भी प्रकार का व्यवधान या असामाजिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेष तौर पर यह चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी माध्यम से धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले गीत बजाए जाते हैं या आपत्तिजनक नारे लगाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इन त्यौहारों को पारंपरिक गरिमा और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थलों पर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या विद्वेष फैलाने वाली सामग्री पर तत्काल रोक लगाई जा सके। जमुई प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का सांप्रदायिक सौहार्द अटूट बना रहे और किसी भी परिस्थिति में अति उत्साह के कारण उत्सव की गरिमा प्रभावित न हो।
