छपरा। स्थानीय विधायक श्रीमती छोटी कुमारी ने विधानसभा के माध्यम से सरकार का ध्यान छपरा के नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज के अधूरे संचालन की ओर आकृष्ट किया है। उन्होंने सदन में कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बना यह अत्याधुनिक संस्थान संसाधनों और इच्छाशक्ति की कमी के कारण अपने मूल उद्देश्य को पूर्ण रूप से हासिल नहीं कर पा रहा है।
विधायक ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज का भव्य भवन तो तैयार है, लेकिन वर्तमान में यहाँ केवल ओपीडी सेवाएँ ही संचालित हो रही हैं। पर्याप्त बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की कमी के कारण अब तक विद्यार्थियों का नामांकन प्रारंभ नहीं हो सका है। बिना टीचिंग स्टाफ के नेशनल मेडिकल कमीशन से मान्यता एवं नामांकन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इस अवसर पर विधायक ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। नए अस्पतालों का निर्माण और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य मंत्री के सक्रिय हस्तक्षेप से छपरा मेडिकल कॉलेज की बाधाएं शीघ्र दूर होंगी।
मरीजों की पीड़ा पर जताई चिंता
विधायक ने चिंता जताई कि इनडोर सेवा, इमरजेंसी वार्ड एवं पोस्टमार्टम जैसी अनिवार्य सुविधाएं शुरू न होने से गंभीर मरीजों को आज भी पटना या अन्य शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से माँगें की ।
रिक्त पदों पर नियुक्ति, चिकित्सक शिक्षकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती युद्धस्तर पर हो, इनडोर और इमरजेंसी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से चालू किया जाए।आगामी सत्र से विद्यार्थियों के नामांकन हेतु तकनीकी बाधाएं दूर की जाएं।विधायक छोटी कुमारी ने उम्मीद जताई कि सरकार की सकारात्मक सोच और स्वास्थ्य मंत्री के कुशल मार्गदर्शन में छपरा की जनता को जल्द ही पूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
