जिला में नए साल का उल्लास: शहर से गांव तक पिकनिक, खेल और परंपरा का उत्सव

Rakesh Gupta
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पार्क से गंगा घाट तक जश्न का माहौल, शांति और उल्लास के साथ शुरू हुआ नया साल

शिशु पार्क-नेहरू पार्क में उमड़ी भीड़, गंगा किनारे खेल और पिकनिक का आनंद

नए साल पर छपरा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, उत्सवमय माहौल में संपन्न हुआ जश्न


छपरा। नया साल नई उमंग, नए संकल्प और नई खुशियों के साथ छपरा शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पूरे उत्साह और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। साल के पहले दिन लोगों ने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ पिकनिक, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए नए साल का स्वागत किया। शहर के पार्कों, गंगा घाटों और प्रमुख पिकनिक स्थलों पर सुबह से ही रौनक देखने को मिली।
युवा वर्ग के साथ-साथ बुजुर्गों और बच्चों ने भी इस अवसर का भरपूर आनंद उठाया। पिकनिक स्थलों पर नृत्य-संगीत, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन सहित कई खेलों का आयोजन हुआ। लोगों ने सामूहिक रूप से पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया, जिससे नए साल का उत्सव और भी खास बन गया।


शहर के डाक बंगला रोड स्थित शिशु पार्क और नेहरू पार्क नए साल के दिन बच्चों की पहली पसंद बने रहे। यहां बच्चों की भारी भीड़ देखने को मिली। पार्क में प्रवेश के लिए टिकट कटवाने को लेकर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे यह साफ झलकता है कि नए साल का उल्लास किस स्तर पर था। नेहरू पार्क में बच्चों ने झूले, स्लाइड, राइड और अन्य मनोरंजक खेलों का जमकर आनंद लिया।

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शिशु पार्क के बाहर सड़कों पर बच्चों, महिलाओं और अभिभावकों की भीड़ लगी रही। पार्क के आसपास फास्ट फूड, मोमो, गन्ना जूस, पानीपुरी, आइसक्रीम और बच्चों के खिलौनों की रेहड़ियां सजी रहीं। दुकानों पर बच्चों के साथ-साथ युवाओं की भी अच्छी खासी भीड़ देखी गई। गन्ना जूस और आइसक्रीम की दुकानों पर सबसे अधिक रौनक रही।


नए साल के अवसर पर गंगा नदी के किनारे स्थित घाटों पर भी पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही परिवार और मित्र समूह गंगा घाटों पर पहुंचने लगे। लोगों ने गंगा दर्शन, फोटो सेशन और सामूहिक भोजन के साथ नए साल का स्वागत किया। गंगा किनारे खुले मैदानों में क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।


गौरतलब है कि पहले पिकनिक मनाने की परंपरा बड़े शहरों तक ही सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी पिकनिक संस्कृति तेजी से बढ़ रही है। छपरा जिले में भी यह बदलाव साफ तौर पर देखने को मिला। अब जिला मुख्यालय के साथ-साथ गांवों के पार्क, बगीचे और नदी किनारे भी पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो चुके हैं।


पिकनिक में खान-पान का विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि नए साल के पहले दिन चिकन और मटन की दुकानों पर जबरदस्त बिक्री देखने को मिलती है। मांस व्यवसाय से जुड़े दुकानदारों ने नए साल को लेकर पहले से ही खास इंतजाम किए रहते हैं। कई दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही।


नए साल के मौके पर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। सभी प्रमुख पिकनिक स्थलों, गंगा घाटों, पार्कों और शहर के चौक-चौराहों पर पुलिस बल और महिला पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। डीएम और एसपी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए।


इसके अलावा नए साल के मौके पर लोगों ने मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए अपने मित्रों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को शुभकामनाएं और मुबारकबाद संदेश भेजे। व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर नए साल की बधाइयों की बाढ़ सी आ गई।बहरहाल छपरा जिले में नए साल का आगाज शांतिपूर्ण, उल्लासपूर्ण और उत्सवमय माहौल में संपन्न हुआ। प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही और आम लोगों ने अनुशासन के साथ नए साल का स्वागत किया। यह दिन छपरा के लिए न केवल खुशी बल्कि सामाजिक सौहार्द और परंपरा का प्रतीक बनकर सामने आया।

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