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जमुई: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जीरो टॉलरेंस नीति को चुनौती देता रिश्वतखोर रोजगार सेवक बाबू का वीडियो वायरल।

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बिहार न्यूज़ लाइव जमुई डेस्क: मृगांक शेखर सिंह/जमुई बिहार प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात करते हैं,मगर मनरेगा विभाग में तैनात रोजगार सेवक बाबू प्रदेश के मुखिया की जीरो टॉलरेंस नीति को चुनौती दे रहा है।वायरल वीडियो में एक रोज़गार सेवक रिश्वत के रूप में पैसा लेते नजर आ रहा है।जानकारी के मुताबिक, ताजा मामला बिहार प्रदेश के जमुई जिला अंतर्गत लक्ष्मीपुर प्रखंड का बताया जा रहा है।जहां जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड अंतर्गत नजारी पंचायत के रोजगार सेवक बिंदेश्वरी मंडल का पैसे लेते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे भ्रष्ट रोजगार सेवक बाबू बिंदेश्वरी मंडल नजारी पंचायत में मनरेगा के तहत पैईन सफाई का काम हुआ था उस काम के एवज में रोजगार सेवक सामने वाले शख्स से कमीशन के पैसे लेते नजर आ रहा है।

रोजगार सेवक सामने वाले शख्स से पैसे लेकर वीडियो मे 500 के करीब 24 नोट गिन रहा है। और कह रहा है पैसा नहीं था तो दिमाग खराब हो गया, यही पैसा सुबह दे देते तो मेरा दिमाग ठीक रहता।वहीं मौके पर मौजूद सामने वाला शख्स रुपए देने के बाद कहता है की मुखिया जी का टेंशन मत लीजिए वह हम देख लेंगे आप तंग कर रहे थे तो हम आ गए।

 

रोजगार सेवक बिंदेश्वरी मंडल वीडियो में यह भी कहते दिखाई दे रहे हैं की je का भी पैसा दे देना। हम उसके अकाउंट में पैसा भेज देंगे तो वह शांत हो जाएगा। पदाधिकारी हैं हमारे हम लोगों को तंग नहीं करेगा तो मेरा माथा ठीक रहेगा।वहीं इस मामले पर लक्ष्मीपुर के कार्यक्रम पदाधिकारी कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि मामले मेरे संज्ञान में आया है रोजगार सेवक बिंदेश्वरी मंडल से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।ऐसे में ग्रामीण मजदूरो केे पलायन को रोकने के लिए केन्द्र प्रायोजित मनरेगा योजना मजदूरो को घर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने और चेहरे पर खुशहाली लाने के बजाय लूट खसोट का जरिया बनकर रह गया है।

यह दीगर है कि इस योजना के आने के बाद यह उम्मीद जगी थी कि अगर अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित नुमाइंदे नियमानुकूल योजनाओं को मूर्त रूप दिला देंगे तो काफी हद तक मजदूरों के पलायन को रोका जा सकेगा लेकिन हकीकत से यह योजना काफी दूर है। अल्बता इस योजना में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार की ओर से नेशनल मोबाइल मॉनेटरीग सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। ताकि इस योजना में मची लूट को रोका जा सके। लेकिन हमाम में सभी नंगे हैं की कहावत कुछ चरितार्थ करते हुए इस व्यवस्था को भी आसानी से हजम कर जा रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण वायरल वीडियो में देखा जा सकता है।

जमुई के जिला पदाधिकारी राकेश कुमार ने कहा है की वीडियो हमने भी देखा है इस पर हम कार्रवाई करेंगे।ऐसे कर्मचारियों को तुरंत डिस्चार्ज किया जाएगा और उस पर कार्रवाई करेंगे ताकि दूसरे कर्मचारी भी यह सबक लें।ऐसे मामले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

आपको बता दें कि इससे यह बात साफ जाहिर है कि किस तरह मनरेगा विभाग का भ्रष्ट बाबू सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश करने के सपने को ध्वस्त कर रहा है। अब देखना होगा कि इस भ्रष्ट रोजगार सेवक के खिलाफ आला अधिकारी क्या कारवाई करते है या जांच का नाम दे इसे ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।

 

 

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