Bihar News Live
News, Politics, Crime, Read latest news from Bihar

 

हमने पुरानी ख़बरों को archive पे डाल दिया है, पुरानी ख़बरों को पढ़ने के लिए archive.biharnewslive.com पर जाएँ।

हाजीपुर: गाँधी स्मारक पुस्तकालय में आयोजित हुई माघ माह की कवि-संगोष्ठी

176

 

 बिहार न्यूज़ लाईव हाजीपुर डेस्क:  _डॉ० संजय (हाजीपुर) -ऐतिहासिक गाँधी स्मारक पुस्तकालय में रविवार को मासान्त कवि गोष्ठी के अन्तर्गत माघ माह की कवि-संगोष्ठी आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता डॉ० शिव बालक राय प्रभाकर ने की तथा संचालन डॉ० संजय ‘विजित्वर’ ने किया। परंपरागत इस कवि गोष्ठी में पधारे कवियों के द्वारा हिन्दी तथा बज्जिका की सामयिक रचनाएँ सुनाई गई और दो छोटी बच्चियों के द्वारा आवृत्ति पाठ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ कवि डॉ० नन्देश्वर सिंह की रचना -जब दूरियाँ बढने लगी तब समझ आया सियासत तुम भी करते थे सियासत हम भी करते थे—पर खूब वाहवाही मिली।

 

इसके बाद वरिष्ठ कवि हरि विलास राय ने बज्जिका की रचना -सखी रे मधुवन में मधुकर आएल — तथा झूल रहल खेतवा में गेहूँ गदराएल,ललकी किरिनियां– सस्वर सुनाई जिसपर तालियाँ और वाहवाही मिली। इस क्रम में दो छोटी बच्चियाँ शुभी और सिल्की ने डॉ० संजय ‘विजित्वर’ की रचना -सन् दो हजार चौबीस में निज कामना यही, खुशियाँ हो हरपल भावना यही–‘ का सस्वर तथा भाव-भंगिमा के साथ पाठ किया जिसपर खूब वाहवाही हुई और खूब तालियाँ बजी। इसके बाद वरिष्ठ कवि डॉ०अशोक कुमार सिंह ने-कांटों से भी खराब है जिस गुल में बू न हो– सुनाकर तालियाँ बटोरी। वरिष्ठ कवि सीताराम सिंह की – पलट के राह पर कदम बढ़ा गया कोई, दस्तूर जमाने का समझा गया कोई— के सस्वर पाठ पर खूब तालियाँ बजी और वाहवाही हुई। विजय कुमार सिंह ने — -रात आने का वादा निभाया नहीं, आंख फिर लग गई मैंने जाना नहीं –का सस्वर पाठ किया जिसपर तालियाँ बजी। सत्येश्वर कुमार ने -कौन कहता है कि कवि दुनिया में पैदा होता है, सितारे कब जमीं पर जुगनू बन चमकता है -सुनाकर तालियाँ बटोरी।

 

इसके बाद वरिष्ठ रंगकर्मी,मनोरंजन वर्मा की -मैं अक्सर ख्याब नहीं देखता, देखता हूँ तो अक्सर नायाब देखता हूं –को काफी सराही गई और तालियाँ बजी। कार्यक्रम का संचालन कर रहे कवि संगोष्ठी के संयोजक, डॉ० संजय ‘विजित्वर’ ने -बातों से बात है बनती, बातों से बात बिगड़ती –बातें जब लांघी मर्यादा हो जाता लत-जुत वर्षण-का सस्वर पाठ किया जिसपर खूब तालियाँ बजी।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि, डॉ० शिव बालक राय प्रभाकर की -नेताओं को रंग बदलते देख गिरगिट भी हो जाते शर्मसार -पर खूब वाहवाही मिली। धन्यवाद ज्ञापन पूर्व सैनिक सुमन कुमार ने किया। इस अवसर पर इंद्रदेव राय, सुरेन्द्र कुमार चौधरी,प्रमोद कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह,गणेश सिंह तथा राहुल की भी उपस्थिति रही।

 

 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More