लूट करवाकर निर्दोषों को जेल भेजने का था प्लान।
अर्जुन कुमार झा/सुमन मिश्रा :समस्तीपुर नगर थाना अंतर्गत राहुल इंटरप्राइजेज’ में हुई लाखों की लूट की वारदात को पुलिस ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड अरुण शराफ का नाम सामने आया है।जो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर निर्दोष लोगों को फंसाने और जमीन कब्जाने का खेल खेल रहा था।पुलिस की बढ़ती दबिश के बीच अरुण शराफ फरार बताया जा रहा है।वही अरुण शराफ की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी जारी है।अरुण शराफ की मुख्य भूमिका और साजिश का पर्दाफाश पुलिस जांच और गिरफ्तार आरोपियों के कबूलनामे से यह स्पष्ट हुआ है कि अरुण शराफ इस पूरी साजिश की मुख्य मास्टरमाइंड कड़ी है।वह अवैध कब्जे का सूत्रधार: अरुण शराफ,नीरज कुमार और जमीन मालिक राहुल कुमार के साथ मिलकर एक कीमती भूखंड पर कब्जा करना चाहता था।
दीपक मोदी से रंजिश: जब दीपक कुमार मोदी ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया और पुलिस को सूचना दी, तो अरुण शराफ ने उसे रास्ते से हटाने के लिए अपने गुर्गों के साथ मिलकर लूट की यह ‘फर्जी स्क्रिप्ट’ तैयार किया।षड्यंत्र का लक्ष्य: अरुण शराफ का मकसद था कि लूट की घटना को अंजाम देकर इसका झूठा आरोप दीपक मोदी,पारस जैन और गोलू मोदी पर मढ़ दिया जाए।उन्हें जेल भिजवाकर पीछे से जमीन पर निर्बाध कब्जा करने की उसकी यह चाल पुलिस की सतर्कता से फेल हो गई।
अपराधियों का नेटवर्क और गिरफ्तारी अरुण शराफ के इशारे पर काम करने वाले शूटरों को पुलिस ने दबोच लिया है।वही जितेन्द्र कुमार (अरुण शराफ के सहयोगियों का गुर्गा)मो० दानिश उर्फ दानिया आजाद शुभम कुमार इनके पास से 02 अवैध पिस्तौल और 04 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अपराधियों ने स्वीकार किया है कि वे अरुण शराफ और उसके पार्टनर नीरज कुमार के लिए जमीन कब्जाने का काम करते थे।
पुलिस की सख्त कार्रवाई एएसपी सदर-1 संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम अब मुख्य आरोपी अरुण शराफ, नीरज कुमार और अभिषेक उर्फ हनी यादव की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि रसूख की आड़ में अपराध करने वाले अरुण शराफ जैसे भू-माफियाओं के खिलाफ ‘कुर्की-जब्ती’ जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
