डीएम वैभव श्रीवास्तव की पहल, इसुआपुर व तरैया में स्वयं किया स्थलों का निरीक्षण
सारण। शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिहार सरकार के सात निश्चय-03 के अंतर्गत उज्ज्वल शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में सारण जिला प्रशासन ने ठोस पहल की है। डिग्री कॉलेज विहीन 09 प्रखंडों में महाविद्यालय स्थापना की प्रक्रिया को गति देते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं इसुआपुर एवं तरैया प्रखंड में विभिन्न विद्यालयों एवं चिन्हित स्थलों का निरीक्षण किया।
महाविद्यालयों के स्थायी भवन निर्माण हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ तथा शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ भूमि की आवश्यकता निर्धारित है। इसी क्रम में इसुआपुर प्रखंड अंतर्गत बजरहिया में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए 5 एकड़ भूमि की मापी कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। साथ ही मुख्य सड़क से संपर्क पथ के चौड़ीकरण हेतु भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
तत्काल संचालन की व्यवस्था के तहत उत्क्रमित मध्य विद्यालय एवं उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय सिसवा का निरीक्षण कर अतिरिक्त वर्गकक्षों को कॉलेज संचालन के लिए चिन्हित करने, भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई, पेयजल, शौचालय, आरओ एवं वाटर कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विद्यालय परिसर की बाउंड्री ऊंची करने, खेल मैदान एवं साइकिल स्टैंड निर्माण तथा कंप्यूटर लैब को क्रियाशील रखने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन कर्मियों के मानदेय भुगतान में विलंब पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया तथा भंडारण में अनियमितता पर स्पष्टीकरण तलब किया गया।इसके उपरांत तरैया प्रखंड के परौना विद्यालय में भी अतिरिक्त कक्ष चिन्हित कर आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, चहारदीवारी निर्माण एवं खेल मैदान विकास के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी की इस सक्रिय पहल से स्पष्ट है कि जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ठोस और परिणामकारी कदम उठा रहा है, जिससे ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को अब अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।
