सोनपुर ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा :-बिहार के विकास की ऐतिहासिक उड़ान, बिहार कैबिनेट ने किया स्वीकृत

Rakesh Gupta
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*• बिहार कैबिनेट ने सोनपुर ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कि स्वीकृति प्रदान की।

1300 करोड़ रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण किया जायेगा।• 4200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा।

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• सोनपुर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनेगा।

• बिहार की 14 करोड़ आबादी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, नेपाल, भूटान और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अंतर्राष्ट्रीय हब के रूप में उभरेगा।

• रूडी ने कहा; मुख्यमंत्री की दूरदर्शीता और बिहार के भविष्य की परख इस निर्णय में दिखा।

• इसके लिए सांसद रूडी पिछले 7 साल से प्रयासरत, कागज़ी करवाई में निरंतर लगे रहे

• आकार और आधुनिक अवसंरचना की दृष्टि से यह परियोजना नोएडा, जेवर, नवी मुंबई, कलकत्ता, चेन्नई जैसे देश के प्रमुख हवाई अड्डों की श्रेणी में होगी।

• भारत सरकार द्वारा हाल ही में परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।

• इस निर्णय के लिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रूडी ने धन्यवाद दिया

छपरा ।बिहार सरकार की कैबिनेट द्वारा सारण जिलान्तर्गत सोनपुर में ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थापना हेतु 4228.61 एकड़ भूमि अर्जन के लिए ₹13,02,83,87,543 (एक हजार तीन सौ दो करोड़ तिरासी लाख सत्तासी हजार पाँच सौ तैंतालीस रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान किया जाना राज्य के विकास इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। यह निर्णय बिहार को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान देने की दिशा में निर्णायक कदम है। उक्त बाते सारण सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कही।

इस सन्दर्भ में सांसद रूडी ने कहा कि आज 20 फरवरी 2026 का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि बिहार कैबिनेट ने दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक को सोनपुर में स्वीकृति प्रदान की है। यह हवाई अड्डा मेरे संसदीय क्षेत्र सारण में स्थापित होगा और उत्तर-पूर्व भारत, भूटान, नेपाल, पश्चिम बंगाल एवं बिहार से आने-जाने वाले हवाई यातायात के लिए एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित होगा।

पटना से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह एयरपोर्ट यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने की क्षमता रखेगा।रूडी ने कहा कि स्वतंत्रता के 80 वर्षों बाद इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत 4200 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 1300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह दिल्ली, नवी मुंबई, बेंगलुरु, मोपा, भोगापुरम आदि कई हवाई अड्डों से भी बड़ा होगा।सांसद ने कहा कि मैं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा इस ऐतिहासिक पहल के सूत्रधार माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही उन सभी सहयोगियों का धन्यवाद, जिन्होंने 14 करोड़ बिहारवासियों के इस सपने को साकार करने में मेरा साथ दिया और विश्वास बनाए रखा।पूर्व केंद्रीय मंत्री रूडी ने सात वर्षों के अथक परिश्रम के बाद यह स्वप्न साकार हुआ है।

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