*पुलिस ने की कार्रवाई
(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर/साइबर सेल और बिजयनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी नगजीराम रेगर, निवासी पारसौली, जिला चित्तौड़गढ़ को नागपुर (महाराष्ट्र) से डिटेन कर पकड़ा गया।
*ठगी का तरीका
बिजयनगर थानाधिकारी करण सिंह खंगारोत ने बताया कि नगजीराम और उसके साथियों ने एक फर्जी सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप तैयार किया था। इस एप के जरिए वह लोगों को पैसे निवेश करने और चेन सिस्टम से जुड़ने का लालच देता था। इस योजना में निवेश करने पर लोगों को हर दिन जमा धन का 1% लाभ देने का वादा किया जाता था। कई लोग इस लालच में आ गए और करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। लेकिन जब उन्हें रिटर्न मिलना बंद हो गया, तब इस ठगी का खुलासा हुआ।
*5करोड़ की ठगी, आरोपी था फरार
बिजयनगर थानाधिकारी करण सिंह खंगारोत ने बताया कि यह मामला 16 जुलाई 2024 को सामने आया, जब भैरूलाल जाट, निवासी ग्राम बाड़ी, बिजयनगर, ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। भैरूलाल ने बताया कि नगजीराम रेगर, सुशीला उर्फ सीता, हिमांशु और मयंक भट्ट ने मिलकर एक फर्जी सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप बनाया। उन्होंने भैरूलाल और उनके जानकारों को इस योजना में पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया और करीब 5 करोड़ रुपये ठग लिए। पैसे निवेश करने वालों को शुरू में कुछ लाभ दिया गया ताकि वे और अधिक निवेश करें और अपने परिचितों को भी जोड़ें। लेकिन जैसे ही निवेश की राशि अधिक हो गई, आरोपी पैसा लेकर फरार हो गए।
*आगे की जांच जारी
पुलिस अब इस ठगी से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही, फर्जी सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों में भी लोगों को ठगा हो सकता है।
*सतर्क रहने की अपील
बिजयनगर थानाधिकारी करण सिंह खंगारोत ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान मोबाइल ऐप या सॉफ्टवेयर पर निवेश करने से पहले उसकी विधि-मान्यता और प्रमाणिकता की जांच करें। किसी भी चेन सिस्टम या हाई-रिटर्न स्कीम से जुड़े प्रस्तावों से सतर्क रहें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।