आयोग महिलाओं के लिए मायके जैसा है, बेझिझक रखें अपनी बात : विजया रहाटकर

Rakesh Gupta
- Sponsored Ads-

-‘राष्ट्रीय महिला आयोग -आपके द्वार’ के तहत 56 मामले पर हुई जन- सुनवाई
…………………………………
जिलाधिकारी ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं तथा कार्यक्रमों की दी विस्तृत जानकारी ………………………………

डॉ० संजय (हाजीपुर)-महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित कर उन्हें राहत देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा चलाए जा रहे ” राष्ट्रीय महिला आयोग – आपके द्वार ” के तहत गुरुवार को समाहरणालय सभा कक्ष में जन सुनवाई रखी गई।

- Sponsored Ads-

इसमें राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष, विजया रहाटकर ने महिलाओं की परिवेदनाएं सुनी और उपस्थित पदाधिकारियों को त्वरित राहत देने के लिए निर्देशित किया।

विजया रहाटकर ने कहा कि आयोग महिलाओं के लिए मायके जैसा है। महिलाएं जिस तरह से अपने मायके में जाकर अपनी पीड़ा खुलकर बता सकती हैं, ऐसे ही आयोग में भी अपनी बात बेहिचक रखें, ताकि उसके समाधान की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा सके।

महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पूरे देश में महिला पुलिस की सबसे ज्यादा संख्या बिहार में है और महिलाओं के लिए सबसे अधिक स्वयं सहायता समूह भी बिहार में ही है। यह बहुत संतोष की बात है।उन्होंने जन सुनवाई के दौरान पूर्व से लंबित 31 मामलों के साथ ही 25 नए मामलों की सुनवाई की।

लगभग 3:30 घंटे तक चली इस सुनवाई में विजया रहाटकर ने पूरी संवेदनशीलता के साथ एक-एक मामले में महिलाओं की पीड़ा सुनी।अधिकतर मामले पति-पत्नी अथवा पारिवारिक विवादों से जुड़े हुए रहे। आयोग की अध्यक्ष ने मामले से जुड़ी पत्रावलियों का भी अवलोकन किया तथा संबंधित अनुसंधान अधिकारी से प्रगति रिपोर्ट की जानकारी लीं।

जन सुनवाई के दौरान कई महिलाएं अपनी पीड़ा बताते-बताते भावुक हुईं तो महिला आयोग की अध्यक्ष ने उन्हें ढाढस बढ़ाया और आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग पूरी संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान करेगा।

इसके पहले जिलाधिकारी, यशपाल मीणा ने जिले में महिलाओं के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में आयोग को विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अधिकांश योजनाओं के क्रियान्वयन में वैशाली का परफॉर्मेंस उत्कृष्ट है। उन्होंने जिले में विकसित सुदृढ़ शिकायत निवारण तंत्र के बारे में भी बताया।

राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि साल भर में पूरे देश से आयोग के पास करीब एक लाख शिकायत पत्र आते हैं। अधिकतर महिलाओं के लिए दिल्ली आना संभव नहीं। इसलिए आयोग ही उन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसी योजना के तहत हाजीपुर में जन सुनवाई की गई।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति पुलिस संवेदनशील रहे। यह बहुत जरूरी है।

उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अनोखी पहल ” तेरे मेरे सपने ” के बारे में बताते हुए कहा कि यह एक प्री मैरिटल काउंसलिंग सेंटर है। यह केंद्र युवाओं को विवाह पूर्व संवाद ,अपेक्षा और पारिवारिक मूल्यों को समझने में मार्गदर्शन करेगा ताकि भविष्य में होने वाली उनकी शादी के बाद जीवन बेहतर और समन्वयकारी हो सके।

उन्होंने बताया कि 11 राज्यों में 23 ऐसे केंद्र खुल चुके हैं और इस वर्ष पूरे देश में 100 जिले में यह केंद्र खोलने का लक्ष्य है।

बिहार के सभी जिले में ऐसे केंद्र खुलेंगे।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ आयोग के सीनियर कोऑर्डिनेटर, एम. लीलावती, लीगल एक्सपर्ट,ख्याति यादव, लीगल काउंसलर, निधि आर्य भी मौजूद रही।

जन सुनवाई में जिलाधिकारी, यशपाल मीणा के साथ एसपी (सीआईडी), मो.आमिर जावेद, उप विकास आयुक्त, कुंदन कुमार, डीएसपी (हेडक्वार्टर), अबू हसन इमाम, डीपीआरओ नीरज, डीपीओ (आईसीडीएस),प्रतिमा कुमारी,
महिला विकास की परियोजना पदाधिकारी, जुलेखा, वन स्टॉप सेंटर के प्रशासक, प्रियंका कुमारी, काउंसलर,कार्तिक कुमार के साथ समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

- Sponsored Ads-

Share This Article
Leave a Comment