*छपरा। माहे रमजान इस्लाम धर्म का सबसे मुकद्दस और बरकतों से भरा महीना माना जाता है। यह महीना न केवल रोज़ा रखने का संदेश देता है, बल्कि इंसान के दिल, दिमाग़ और किरदार को बेहतर बनाने की तालीम भी देता है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार रमजान के महीने में अल्लाह की रहमतें और बरकतें विशेष रूप से नाज़िल होती हैं, गुनाहों से तौबा का दरवाज़ा खुला रहता है और नेकी का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है।
रमजान का सबसे प्रमुख अमल रोज़ा* रोज़ा केवल सुबह से शाम तक भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं, बल्कि यह इंसान को सब्र, संयम और आत्मनियंत्रण सिखाने का माध्यम है। रोज़ेदार अपनी इच्छाओं पर काबू पाता है, बुरी बातों और बुरे कामों से खुद को दूर रखता है। इस तरह रोज़ा इंसान के नैतिक और आत्मिक विकास का एक महत्वपूर्ण साधन बन जाता है।इस पवित्र महीने का उद्देश्य इंसान को अल्लाह के और करीब लाना है।
रोज़ा रखने के साथ-साथ नमाज़ की पाबंदी, कुरआन की तिलावत, ज़िक्र और दुआओं का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि रमजान में किया गया हर नेक अमल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक सवाब देता है। इसी कारण लोग इस महीने में इबादत के साथ-साथ सदक़ा, ज़कात और गरीबों की मदद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।।
रमजान सामाजिक बराबरी और इंसानियत का भी पैग़ाम* जब अमीर और गरीब दोनों एक ही तरह की भूख और प्यास का एहसास करते हैं, तो समाज में आपसी हमदर्दी और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। रोज़ा इंसान को यह याद दिलाता है कि समाज के कमजोर वर्गों का दर्द समझना और उनकी मदद करना उसकी ज़िम्मेदारी है। इसी भावना के तहत इफ्तार के समय जरूरतमंदों को खाना खिलाना और मदद करना एक नेक अमल माना जाता है।इस्लाम धर्म के कोड के अनुसार रमजान आत्मशुद्धि का महीना है।
इस दौरान इंसान अपने पिछले गुनाहों से तौबा करता है और बेहतर इंसान बनने का संकल्प लेता है। यह महीना हमें सिखाता है कि सच्चा रोज़ा वही है, जिसमें न केवल पेट, बल्कि आंख, कान, ज़ुबान और दिल भी बुराई से बचे रहें। बहरहाल यदि देखा जाए तो माहे रमजान इंसान के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर है। यह महीना सब्र, इबादत, इंसानियत और सामाजिक न्याय का ऐसा पाठ पढ़ाता है, जो पूरे साल और पूरी ज़िंदगी के लिए मार्गदर्शक बन सकता है। रमजान की बरकतों और रहमतों से लाभ उठाकर यदि इंसान अपने आचरण और सोच को बेहतर बना ले, तो यही इस मुकद्दस महीने की सबसे बड़ी कामयाबी है।
