डीएम वैभव श्रीवास्तव पदभार ग्रहण करते ही विकास योजनाओं को देने लगे गति
जनता दरबार में सम्मान के साथ हो रहा समस्याओं का निपटारा
पूर्व डीएम अमन समीर के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए जिलाधिकारी ने खींची विकास की नई लकीर
छपरा। सारण जिले के नवनियुक्त जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही प्रशासनिक महकमे में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। उनकी कार्यशैली से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी योजनाओं की सुस्ती अब गुजरे जमाने की बात नही होने वाली है। बता दें कि जिलाधिकारी ने अपनी प्राथमिकता सूची में ‘जनता के कार्य और विकास की गति’ को सर्वोच्च स्थान दिया है, जिससे आम नागरिकों में एक नई उम्मीद जगी है।
सम्मान के साथ समाधान: जनता दरबार का नया स्वरूप
जिलाधिकारी ने समाहरणालय कक्ष में आयोजित होने वाले जनता दरबार को एक मानवीय और सम्मानजनक स्वरूप दिया है। पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि फरियादियों को न केवल धैर्यपूर्वक सुना जा रहा है, बल्कि उन्हें ससम्मान बैठाकर उनकी समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की समस्याओं की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ‘अक्षरश: अनुपालन’ का निर्देश देते हुए चेतावनी भी दे रहे हैं कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विकास की श्रेणी में वैभव श्रीवास्तव
परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर योजनाओं की हकीकत देख रहे हैं। हाल ही में रिविलगंज-बिशुनपुरा बाईपास और मांझी-दरौली-गुठनी पथ निर्माण का औचक निरीक्षण इसका प्रमाण है। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए एलिवेटेड पथ के विस्तार का निर्णय उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। 3 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड पथ का प्रस्ताव और मार्च तक बाईपास के 90% कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य सारण को जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पूर्व की उपलब्धियों को सम्मान और नई दिशा
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की एक और खास बात उनकी निरंतरता है। उन्होंने पूर्व जिलाधिकारी अमन समीर द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यक्रमों और उनके द्वारा दी गई दिशा को भी प्राथमिकता दी है। पूर्व डीएम अमन समीर ने सारण में विकास का जो खाका खींचा था, उसे वर्तमान जिलाधिकारी बड़ी संजीदगी से आगे बढ़ा रहे हैं। यह उनकी परिपक्व कार्यशैली को दर्शाता है कि वे पूर्व के अच्छे कार्यों को अधूरा छोड़ने के बजाय उन्हें अपनी ‘प्रायोरिटी लिस्ट’ में रखकर तेजी से निपटाने में जुटे हैं।
किसानों के लिए ‘डिजिटल सुरक्षा कवच’
रिविलगंज के सेंगर टोला में किसानों के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ निर्माण शिविर का औचक निरीक्षण कर उन्होंने यह संदेश दिया है कि विकास की मुख्यधारा में अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति ही उनकी असली प्राथमिकता है। कृषि विभाग और सर्वे टीम को आईडी निर्माण में तेजी लाने का निर्देश सीधे तौर पर किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बहरहाल यदि जिलाधिकारी के अल्प अवधि के कार्यों को देखा जाए तो पूरी मुस्तैदी के साथ जिले में विकास की गतिविधियों को पंख लगा दिए हैं। जहाँ एक ओर लंबित परियोजनाएं अब धरातल पर उतर रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक पारदर्शिता ने जनता का विश्वास जीता है। सारण अब विकास के किस नए मुकाम पर पहुँचता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन जिलाधिकारी के मौजूदा ‘एक्शन मोड’ ने जनता में यह भरोसा पैदा कर दिया है कि उनके नेतृत्व में सारण विकास की एक नई गौरवगाथा लिखेगा।
