(हरिप्रसाद शर्मा (पुष्कर/ अजमेर/
धार्मिक गरी पुष्कर में नगर परिषद और जलदाय विभाग के बीच बकाया बिलों को लेकर खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। करीब 10 वर्षों से सार्वजनिक नल कनेक्शनों के बिल जमा नहीं होने के चलते जलदाय विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के कई सार्वजनिक नल और शौचालयों के पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कदम से शहर के मुख्य बाजार, गली-मोहावों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी का संकट खड़ा हो गया है।
जलदाय विभाग के अनुसार नगर परिषद प्रशासन द्वारा संचालित सार्वजनिक नल कनेक्शनों के लगभग 93 लाख रुपए के बिल बकाया हैं। विभाग ने कई बार पत्र लिखकर तथा व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर नगर परिषद से भुगतान करने का आग्रह किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आखिरकार कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
दो दिन में 25 कनेक्शन काटे
जलदाय विभाग की टीम ने पिछले दो दिनों में शहर में लगे कुल 68 सार्वजनिक नल कनेक्शनों में से 25 कनेक्शन काटकर बंद कर दिए हैं। विभाग का कहना है कि यदि जल्द बकाया राशि जमा नहीं कराई गई तो बाकी कनेक्शन भी जल्द काट दिए जाएंगे।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को होगी परेशानी
इन कनेक्शनों के बंद होने से कई वार्डों में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं पानी उपलब्ध नहीं होने से कई सार्वजनिक शौचालय भी अनुपयोगी हो गए हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने चाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी कठिनाई का सामना
करना पड़ रहा है। पहली बार हुई इतनी बड़ी कार्रवाई
पुष्कर में यह पहला मौका बताया जा रहा है जब जलदाय विभाग ने बकाया बिलों को लेकर नगर परिषद के नाम से संचालित सार्वजनिक नलों के कनेक्शन काटने जैसी सख्त कार्रवाई की है। इससे नगर परिषद और विभाग के बीच विवाद और तेज हो गया है।
एईएन बोले, बार-बार चेतावनी के के बाद कार्रवाई
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता भोलासिंह रावत ने बताया कि नगर परिषद के नाम से शहर के विभिन्न वार्डों में कई सार्वजनिक नल कनेक्शन लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि परिषद प्रशासन को कई बार नोटिस और पत्र भेजे गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसी कारण अब तक लगभग 93 लाख रुपए का बकाया हो गया है। उन्ब अधिकारियों के निर्देश के बाद ही कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।
परिषद आयुक्त का पलटवार
दूसरी ओर नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा ने जलदाय विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना पूर्व सूचना के कनेक्शन काटे जा रहे है। उनका कहना है कि पहले बकाया बिलों का पूरा हिसाब
किताब स्पष्ट किया जाना चाहिए, क्योंकि कई सार्वजनिक नल कनेक्शन वर्षों से बंद पड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जलदाय विभाग ने कई बार शहर में लाइन बिछाने के लिए रोड कटिंग की, लेकिन उसका शुल्क आज तक परिषद को नहीं दिया गया। ऐसे में रोड कटिंग शुल्क का समायोजन भी किया जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं और व्यापारियों में चिंता
पुष्कर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां तेज बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में सार्वजनिक नलों और शौचालयों में पानी की व्यवस्था बाधित होने से तीर्थ यात्रियों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर परिषद और जलदाय विभाग के बीच चल रहा यह विवाद कब सुलझेगा और शहर में पानी की व्यवस्था कब तक सामान्य होगी ।
