(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/ अजमेर/ पवित्र तीर्थ नगरी पुष्कर में सार्वजनिक स्थलों पर फिलिस्तीन समर्थक और इजरायल विरोधी स्टीकर लगाने के मामले में प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। इस प्रकरण में ब्रिटेन से आए दो विदेशी नागरिकों को वीजा नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (CID) राजेश मीणा ने बताया कि ब्रिटिश नागरिक लेविस अपनी महिला मित्र अनेशी के साथ टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। 21 जनवरी को पुष्कर के दो-तीन सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक संदेश वाले स्टीकर लगाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही सीआईडी और जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सभी स्टीकर तुरंत हटवाए और मामले की जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि दोनों विदेशी नागरिकों ने टूरिस्ट वीजा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक गतिविधियों में भाग लिया, जो भारतीय कानून के तहत प्रतिबंधित है। इसके बाद इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उन्हें लीव इंडिया नोटिस जारी किया गया।
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार दोनों विदेशी नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर देश छोड़ने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भारत की संप्रभुता, कानून व्यवस्था और धार्मिक स्थलों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुष्कर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बता दें कि पुष्कर में हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं, जिनमें इजराइल से आने वाले पर्यटक भी बड़ी तादाद में शामिल होते हैं।
