छपरा। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय दर्शन परिषद के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य आगाज़ महामहिम के करकमलों द्वारा हो चुका है। उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न अकादमिक गतिविधियों की शुरुआत भी हो गई है, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में बौद्धिक विमर्श का माहौल बना हुआ है। अब अधिवेशन के आगामी दो दिनों 24 और 25 मार्च के लिए विस्तृत कार्यक्रम रूपरेखा जारी कर दी गई है।
जारी कार्यक्रम के अनुसार 24 मार्च को प्रातः जलपान के बाद 10:00 बजे से 1:00 बजे तक विभिन्न विभागीय सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें तर्क एवं ज्ञान मीमांसा, नीतिशास्त्र, धर्म मीमांसा, तत्त्वमीमांसा, समाज दर्शन तथा योग एवं मानव चेतना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोधपत्रों का वाचन होगा। दोपहर में भोजनावकाश के पश्चात 3:00 बजे से 5:00 बजे तक विभागीय पत्र वाचन का दूसरा सत्र आयोजित होगा, जिसमें देशभर से आए विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
इसी दिन सायं 6:00 बजे आम सभा की बैठक का आयोजन किया जाएगा, जबकि रात्रि में अतिथियों के लिए भोजन की व्यवस्था रहेगी।
वहीं 25 मार्च को भी प्रातः सत्र की शुरुआत जलपान के साथ होगी, जिसके बाद 10:00 बजे से 1:00 बजे तक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। प्रथम संगोष्ठी में जय प्रकाश नारायण का समाज दर्शन विषय पर चर्चा होगी, जबकि द्वितीय संगोष्ठी में “पंडित रामावतार शर्मा के दार्शनिक चिंतन में विविध आयाम” पर विद्वानों द्वारा विचार रखे जाएंगे।
अधिवेशन का समापन 25 मार्च को दोपहर 2:30 बजे समापन सत्र के साथ होगा।
इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के प्रख्यात दार्शनिक, शोधार्थी और शिक्षाविद भाग ले रहे हैं, जिससे अखिल भारतीय दर्शन परिषद का यह अधिवेशन ज्ञान-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी तैयारियों को सुचारू ढंग से संचालित करते हुए आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
