जमुई : डीएम ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय के मेधावी छात्र– छात्राओं को किया सम्मानित, सफलता को बताया साधना और तपस्या का प्रतिफल

Rakesh Gupta
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मृगांक शेखर सिंह/ जमुई

जमुई के जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने जिला अंतर्गत सिमुलतला आवासीय विद्यालय के मैट्रिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपरों सहित अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया l इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के बेहतर प्रबंधन की सराहना करते हुए शिक्षकों को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने सिमुलतला की भूमि की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र सदैव से आध्यात्मिक, दार्शनिक साधना और उपासना का केंद्र रहा है।

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उन्होंने विद्यालय के वर्तमान परीक्षा परिणाम को इस पवित्र भूमि की साधना और शिक्षकों एवं छात्राओं की निरंतर तपस्या का मधुर प्रतिफल बताया। छात्रों को सफलता का मार्ग दिखाते हुए जिला पदाधिकारी ने अनुशासन, निरंतरता और निरंतर अभ्यास को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी और इसे ही जीवन की उन्नति का मूल मंत्र बताया ।

उन्होंने विद्यार्थियों को सजग करते हुए कहा कि मैट्रिक का अंक पत्र सफलता की ओर बढ़ने वाला मात्र पहला कदम है, क्योंकि वास्तविक जिंदगी की परीक्षा का कोई निर्धारित अंक पत्र नहीं होता; उसे केवल धैर्य, अनुशासन और संयम के बल पर ही पार किया जा सकता है।शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए जिला पदाधिकारी ने शिक्षकों से यह विशेष आग्रह किया कि वे बच्चों को किताबी ज्ञान तक ही सीमित न रखें, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से भी लैस करें।

उन्होंने जोर दिया कि जब किताबी शिक्षा और व्यावहारिक ज्ञान का उचित समन्वय होता है, तभी छात्र जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को सुगमता से पार कर सकते हैं। इसी क्रम में विद्यालय के प्राचार्य ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस परिणाम को जिला पदाधिकारी के उस संकल्प की सिद्धि बताया, जो उन्होंने विद्यालय के अपने प्रथम भ्रमण के दौरान लिया था। प्राचार्य ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने की जो प्रतिबद्धता जताई गई थी, उसे एक वर्ष के भीतर साकार होते देखना संपूर्ण विद्यालय परिवार के लिए गर्व और सुखद आत्मिक अनुभूति का क्षण है।

सम्मान समारोह के दौरान मैट्रिक परीक्षा 2026 की टॉपर पुष्पांजलि कुमारी ने अपनी सफलता के लिए विद्यालय के उत्कृष्ट शैक्षणिक परिवेश, प्राचार्य, शिक्षकों और अपने माता-पिता के प्रति आभार व्यक्त किया। उसने भावुक स्वर में कहा कि यद्यपि वह इस ऋण को पूरी तरह चुका नहीं सकती, किंतु अपनी कड़ी मेहनत और लगन से वह भविष्य में ऐसा मुकाम हासिल करेगी जिससे इस विद्यालय, जिला प्रशासन और बिहार सरकार का मान बढ़ सके। कार्यक्रम के अंत में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उपस्थित सभी जनों का धन्यवाद ज्ञापन किया और भविष्य में अपने स्तर से विद्यालय की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, छात्र और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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