जिला पदाधिकारी ने बताया बाबा साहेब को संविधान निर्माण के कुशल शिल्पी। पुलिस अधीक्षक ने उनके विचारों को व्यवहार में लाने का आह्वान कर दिया समानता का संदेश”
मृगांक शेखर सिंह/ जमुई
जमुई: भारतीय संविधान के महान शिल्पी और सामाजिक न्याय के प्रणेता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर कचहरी चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा स्थल पर जिला प्रशासन के तरफ से आयोजित मुख्य समारोह में जिला पदाधिकारी श्री नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बाबा भीमराव अंबेडकर के प्रति अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस गरिमामय अवसर पर जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक अधिकारियों,अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के सम्मानित सदस्यों और गणमान्य जनप्रतिनिधियों ने बाबा साहेब के महान विचारों को स्मरण करते हुए अपना श्रद्धा सुमन अर्पित कर एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने बाबा साहेब को एक ऐसा कुशल शिल्पी बताया जिन्होंने वैश्विक पटल के श्रेष्ठ लोकतांत्रिक विचारों को भारतीय संविधान के रूप में एक अटूट सूत्र में पिरोया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब एक न्यायविद और समाज सुधारक होने के साथ-साथ एक ऐसे महान शिल्पी थे, जिन्होंने दुनिया के विभिन्न संविधानों से श्रेष्ठ विचारों को चुनकर भारतीय संविधान की माला पिरोई। आज जब भारत के पड़ोसी देशों सहित वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक अस्थिरता और विसंगतियां दिखती हैं, तब हमारा देश वैचारिक मतभेदों के बावजूद एक नियम और एक संविधान से संचालित हो रहा है। यह डॉ. अंबेडकर की दूरदर्शिता का ही परिणाम है।
उन्होंने आगे कहा कि बाबा भीमराव अंबेडकर को किसी एक विचारधारा में बांधा नहीं जा सकता। वह सभी के हैं । उनके विचार हमेशा से व्यक्ति, समाज और प्रशासन को रास्ता दिखाने का काम करता रहा है और आगे भी करेगा। वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का उपहार हैं और इन मतभेदों के बावजूद एक ही समाज में मिलजुलकर रहना और एक समान नियमों से संचालित होना हमारे संविधान की सबसे बड़ी विशेषता है।
जिला पदाधिकारी ने इस अवसर पर एक विशेष घोषणा करते हुए कहा कि इस परिसर और मूर्ति का जीर्णोद्धार जिला प्रशासन द्वारा कराकर अगले साल इस कार्यक्रम को और भव्य तरीके से मनाया जाएगा और बाबा भीमराव अंबेडकर के विचारों को इस मंच से जन जान तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बाबा भीमराव अंबेडकर के विचारों में छिपी ‘यूनिटी ऑफ इक्वलिटी’ का संदेश देते हुए उपस्थित जनसमूह से शिक्षित बनकर सामाजिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने डॉ. अंबेडकर द्वारा महिलाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र सेवा का मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि बाबा साहेब के विचार किसी एक धारा तक सीमित नहीं हैं, वे सर्वव्यापी हैं क्योंकि उनके हृदय में संपूर्ण राष्ट्र के लिए समानता का भाव व्याप्त था।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सहित इस संघ के अन्य सम्मानित सदस्यों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। संघ के सभी सदस्यों ने अपने अपने वक्तव्यों में बाबा साहब के विचारों से जनता को अवगत कराया और उसे व्यवहार में लाकर समाज को जागरूक कर व्याप्त बुराइयों को कुप्रथाओं को मिटाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल, अपर समाहर्ता रविकांत सिंहा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी बिरेंद्र कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह और कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी विकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में वरीय अधिकारियों और अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के सभी सम्मानित सदस्यों ने अपनी उपस्थित रहें। कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में उपस्थित लोगों ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ कर बाबा साहेब के विचारों को आधार बनाकर सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण में अपना योगदान देने की शपथ ली।
