(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए अजमेर के सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) और ब्यावर के एक जूनियर असिस्टेंट को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
एसीबी के अनुसार दोनों पर लीज डीड जारी करने के एवज में कुल 85 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने एसीबी से शिकायत की थी कि रीको अधिकारियों द्वारा लीज डीड से संबंधित कार्य करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी जयपुर की टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता पहले अजमेर स्थित रीको यूनिट कार्यालय पहुंचा।
एसीबी के अनुसार जैसे ही 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि का लेन-देन हुआ, पहले से तैनात टीम ने सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान ब्यावर में रीको के जूनियर असिस्टेंट कमलेश को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
एसीबी के मुताबिक दोनों आरोपियों ने मिलकर लीज डीड जारी करने के बदले कुल 85 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद अजमेर और ब्यावर में एक साथ ट्रैप कार्रवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार डीजीएम अंजय विश्वकर्मा 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे और अपनी सेवानिवृत्ति के मात्र 21 दिन पहले एसीबी के शिकंजे में आ गए।
उनकी मूल पदस्थापना किशनगढ़ में है, जबकि उनके पास अजमेर यूनिट का अतिरिक्त प्रभार भी था।
फिलहाल एसीबी गिरफ्तार होने वाले दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही उनके कार्यालयों और अन्य संभावित ठिकानों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
