जमुई प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह का किया गया आयोजन.

Rakesh Gupta
- Sponsored Ads-

डीएम एवं एसपी ने द्वीप प्रज्वलित कर किया विधि बाद उद्घाटन.

मृगांक शेखर सिंह, जमुई

- Sponsored Ads-

जमुई स्थित शकुंतला रॉयल हेरिटेज हॉल में प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में एक भव्य एवं गरिमामयी शिक्षक सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया।

इस विशेष कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी , पुलिस अधीक्षक और एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) की भी विशेष उपस्थिति रही। समारोह के दौरान समाज के नवनिर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देने वाले जिले के लगभग 400 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने जमुई के विकास में शिक्षा की भूमिका पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जिले में नक्सलवाद के उन्मूलन के पश्चात अब शिक्षा ही सर्वांगीण विकास एवं प्रगति का सबसे प्रमुख पैमाना बन चुकी है और आने वाले समय में यह जिले के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञान के प्रसार में सरकारी और निजी विद्यालयों का भेद निरर्थक है क्योंकि शिक्षा हर रूप में समान होती है, चाहे वह सरकारी संस्थान में मिले या निजी विद्यालय में। समाज की प्रगति और जिले के समग्र विकास में दोनों ही प्रकार के विद्यालयों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने दोनों क्षेत्रों के साझा प्रयासों से शिक्षा के स्तर में हो रहे सुधार की सराहना की। उन्होंने प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन से आह्वान किया कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में रचनात्मकता, गायन, वादन, नृत्य और संगीत जैसे सांस्कृतिक व कलात्मक गुणों को विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दें। इसके साथ ही उन्होंने समाज को नई दिशा देने तथा विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने वाले गुरुजनों को सम्मानित करने के एसोसिएशन के इस सराहनीय प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी ने उपस्थित सभी निजी स्कूल संचालकों व निदेशकों को निर्देश दिया कि वे आगामी 15 दिनों के भीतर अपने-अपने संस्थानों में विद्यार्थियों के ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) निर्माण की प्रक्रिया को सरकारी विद्यालयों के समान शत-प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करें। अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी सम्मानित शिक्षकों, संचालकों और आयोजकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

- Sponsored Ads-
Share This Article
Leave a Comment