मृगांक शेखर सिंह, जमुई
15 सितंबर की सुबह होगा व्रत का पारण, बाजार में साड़ी-श्रृंगार और मेहंदी की बढ़ी रौनक
गिद्धौर : अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर सुहागिन महिलाएं सोमवार 14 सितंबर को हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखेंगी।
इस बार सोमवार को तीज पड़ने से इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्य सच्चिदानंद मिश्र के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के उदय तिथि में पड़ने के कारण हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा। तृतीया के बाद चतुर्थी तिथि शुरू होने से इस दिन तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

महिलाओं को पूरे दिन अन्न-जल का त्याग कर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी होगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार तीज व्रत का पारण अगले दिन 15 सितंबर को होगा। चतुर्थी तिथि के कारण 14 सितंबर से गणपति पूजन एवं गणेश जन्मोत्सव की भी शुरुआत होगी।धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी और रेत से शिवलिंग बनाकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की थी। उन्हीं की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत करती हैं।तीज को लेकर गिद्धौर बाजार में खरीदारी को लेकर भीड़ उमड़ने लगी है। महिलाएं खासकर हरे और लाल रंग की साड़ियों, श्रृंगार सामग्री और पूजा सामग्री की खरीदारी कर रही है।
