जयपुर में 24 से 27 सितंबर तक ENT की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, AI और रोबोटिक सर्जरी से लेकर रिसर्च पर रहेगा फोकस

Rakesh Gupta
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जयपुर:- इंडियन एकेडमी ऑफ ओटोलैरिंगोलॉजी एंड हेड नेक सर्जरी  की 12वीं राष्ट्रीय कांफ्रेस 24 से 27 सितंबर 2026 तक जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित की जाएगी। जिसमें देश-विदेश के कान, नाक, गला रोग विशेषज्ञ, हेड एंड नेक सर्जन, मेडिकल कॉलेजों, एम्स, आईआईटी, बिट्स पिलानी से जुड़े विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। यह जानकारी आरएएस क्लब में मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।

एसएमएस के कान, नाक, गला रोग विभाग के वरिष्ठ आचार्य और कॉन्फ्रेंस के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ.पवन सिंघल ने बताया कि इंडियन एकेडमी ऑफ ओटोलैरिंगोलॉजी एंड हेड नेक सर्जरी   की 12वीं राष्ट्रीय कांफ्रेस में नवाचार, नए अनुसंधान और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर जोर रहेगा, ताकि मरीजों की जांच, शल्य चिकित्सा और उपचार को अधिक सुगम, सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में नए विकल्पों पर चर्चा की जाएगी।

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कॉन्फ्रेंस का विशेष फोकस युवा चिकित्सकों, पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों, नए चिकित्सकों और मेडिकल कॉलेजों में नए शिक्षकों के ज्ञानवर्धन पर रहेगा, ताकि उन्हें नए रिसर्च, इनोवेशन और आधुनिक उपचार विधियों से परिचित कराया जा सके।

24 सितंबर को प्रीकॉन्फ्रेंस वर्कशॉप

कॉन्फ्रेंस की शुरुआत 24 सितंबर को एसएमएस मेडिकल कॉलेज के एकेडमिक ब्लॉक में प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप से होगी।

जिसमें कैडेवर डिसेक्शन वर्कशॉप में देश-विदेश में ख्याति प्राप्त सर्जन डॉ.सतीश जैन एंडोस्कोपिक स्कल बेस सर्जरी का प्रदर्शन करेंगे। इसमें नाक की एंडोस्कोपिक सर्जरी और ब्रेन की एंडोस्कोपिक सर्जरी की विधियां कैडेवर पर प्रदर्शित की जाएंगी।

इसके बाद विश्वविख्यात स्कल बेस सर्जन डॉ. संपत चंद प्रसाद राव लेटरल स्कल बेस सर्जरी की तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। हेड एंड नेक सर्जरी के अंतर्गत थायरॉइड, पैरोटिड और कैंसर सर्जरी से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण भी कैडेवर के माध्यम से दिया जाएगा।

चक्कर आने  की समस्या पर न्यूरोओटोलॉजी वर्कशॉप

डॉ.सिंघल ने बताया कि 24 सितंबर को ही चक्कर आने की समस्या पर पूरे दिन न्यूरो-ओटोलॉजी वर्कशॉप होगी। इसमें देशभर में विख्यात डॉ.अनिर्बान बिश्वास और डॉ.अनीता भंडारी चक्कर के कारणों, जांच और उपचार की नवीनतम विधियों की जानकारी देंगे।

प्रतिभागियों को मशीनों पर हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया जाएगा, ताकि वे इन तकनीकों को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।

ENT में AI का इस्तेमाल सीखेंगे युवा डॉक्टर

कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर भी विशेष सत्र रखा गया है। इस सत्र में विद्यार्थियों को लैपटॉप, वेबसाइट और सॉफ्टवेयर के माध्यम से AI के उपयोग की जानकारी देंगे।

इसमें मरीजों के लक्षणों के आधार पर बीमारी की पहचान, जांच और उपचार की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने में AI के संभावित इस्तेमाल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पहली बार ENT कॉन्फ्रेंस में रोबोटिक सर्जरी का हैंड्सऑन प्रशिक्षण

डॉ.पवन सिंघल ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में पहली बार किसी ENT कॉन्फ्रेंस में रोबोटिक सर्जरी का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।

इसके लिए दा विंची रोबोट मंगाया गया है। बैंगलोर और दिल्ली से आने वाली टीमें विद्यार्थियों और युवा चिकित्सकों को रोबोटिक सर्जरी की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग देंगी।

प्रशिक्षण के लिए मेनिक्विन्स यानी मानव शरीर जैसी संरचना वाले प्लास्टिक 3D मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।

इनोवेस्ट या हैकाथॉन में 3 दिन में समाधान खोजेंगी टीमें

उन्होने बताया कि भारत में किसी ENT कॉन्फ्रेंस में इस तरह का आयोजन पहली बार होगा जिसका प्रमुख आकर्षण ‘इनोवेस्ट’ या हैकाथॉन के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें मरीजों की चिकित्सा और उन्हें बेहतर सुविधा देने से जुड़ी समस्याओं को प्रॉब्लम स्टेटमेंट के रूप में दिया जाएगा।

चार सदस्यों की टीम में एक मेडिकल अंडर ग्रेजुएट, एक पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी, एक इंजीनियरिंग विद्यार्थी और एक टेक्निकल टीम का सदस्य शामिल होगा।

टीमों को समस्या का समाधान खोजने के लिए तीन दिन दिए जाएंगे। इसके बाद रविवार को प्रत्येक टीम को तीन मिनट में अपना समाधान और नया इनोवेशन प्रस्तुत करना होगा।

प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 30 हजार रुपये तथा अन्य पुरस्कारों के रूप में 20 हजार और 10 हजार रुपये दिए जाने की योजना है।

नौ वर्कशॉप में नई तकनीकों पर प्रशिक्षण

24 सितंबर को कुल नौ वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इसमें एलर्जी, यूस्टेशियन ट्यूब डाइलेटेशन, बलून साइनोप्लास्टी और ब्लू लेजर जैसी नई विधियों पर प्रशिक्षण शामिल होगा।

ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ.देशबंधु जैन ने बताया कि मुख्य कॉन्फ्रेंस 25 से 27 सितंबर तक RIC में होगी। प्रत्येक दिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक विभिन्न वैज्ञानिक सत्र और लाइव सेशन आयोजित होंगे।

इनमें देश-विदेश के प्रसिद्ध कंसलटेंट, मेडिकल कॉलेजों, एम्स, आईआईटी, बिट्स पिलानी  आदि से जुड़े वैज्ञानिक शामिल होंगे। विशेषज्ञ अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे और पैनल डिस्कशन, सिम्पोजियम तथा विभिन्न बीमारियों पर वैज्ञानिक चर्चा होगी।

बच्चों में सुनने की कमी और कॉकलेयर इम्प्लांट पर चर्चा

उन्होने बताया कि बच्चों में जन्मजात सुनने की कमी के कारणों पर चर्चा के लिए कोलकाता से डॉ. अरुण कुमारेंदु को आमंत्रित किया गया है।

अहमदाबाद के प्रसिद्ध कॉकलीयर इम्प्लांट सर्जन डॉ.राजेश विश्वकर्मा कॉक्लियर इम्प्लांट्स से संबंधित जानकारी देंगे।

पूर्व मेजर जनरल और वर्तमान में मणिपाल हॉस्पिटल ग्रुप के VC एम.डी.वेंकटेश अपनी क्लीनिकल प्रैक्टिस से लेकर एकेडमिक लीडरशिप तक की यात्रा पर विशेष ओरेशन देंगे, ताकि युवा चिकित्सक उनसे प्रेरणा ले सकें।

वैज्ञानिक व्याख्यान और रिसर्च ट्रेनिंग

एसएमएस के प्रोफेसर व काफ्रेस के साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ.सिद्धार्थ निर्वाण ने बताया कि कांफ्रेस के विभिन्न सत्र पांच हॉल में चलेंगे। जिनमें वैज्ञानिक व्याख्यान, लेक्चर, पैनल डिस्कशन, सिम्पोजियम और क्रॉसफायर पर चर्चा होगी।

प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे के बीच विद्यार्थियों के लिए इंस्ट्रक्शन कोर्स होंगे। इनमें रिसर्च मेथडोलॉजी, थीसिस लिखने, रिसर्च पेपर तैयार करने, एलर्जी की नई विधियों और 3D मॉडल के माध्यम से स्कल बेस की एनाटॉमी की जानकारी दी जाएगी।

Life Beyond ENT’ में डॉक्टरों की दूसरी दुनिया

एम्स जोधपुर के ईएनटी विभागाध्यक्ष, कॉन्फ्रेंस के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ.अमित गोयल ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में ‘Life Beyond ENT’ नाम से भी विशेष सत्र रखा गया है। इसमें डॉक्टर चिकित्सा के अलावा अपनी रुचियों और गतिविधियों के बारे में बताएंगे।

आयोजकों के अनुसार, इनमें पत्रकारिता, लेखन, फोटोग्राफी, पर्वतारोहण और मैराथन जैसी गतिविधियों से जुड़े डॉक्टर शामिल होंगे। इसका उद्देश्य युवा चिकित्सकों को तनाव कम करने और चिकित्सा के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना है।

इसके अलावा ‘How to Establish Your Practice’, ‘How to Take Care of Your Instruments and Equipments’ और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र होंगे। दिल्ली से बुलाए गए डॉ. मीर मेहता डॉक्टरों को मनी मैनेजमेंट की जानकारी देंगे।

AI से मेडिटेशन और मेडिकोलीगल मुद्दों तक चर्चा

रविवार को बिट्स पिलानी के प्रोफेसर अविनाश गौतम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर की-नोट लेक्चर देंगे।डॉ. ब्रायन, एम्स गुवाहाटी, हेड एंड नेक क्षेत्र में घाव भरने और नई संरचना तैयार करने से जुड़ी जानकारी देंगे।आईआईटी जोधपुर की प्रोफेसर डॉ. मिताली मुखर्जी हॉलिस्टिक मेडिसिन, पुरानी वैदिक पद्धतियों और स्पिरिचुअलिटी को स्वास्थ्य सुधार के साथ जोड़ने के विषय पर बात करेंगी।

डॉ. रंगाचारी और उनकी टीम डॉक्टरों को मेडिटेशन के माध्यम से कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने के तरीकों की जानकारी देंगे।चंडीगढ़ से आ रहे डॉ. नीरज नागपाल मेडिको-लीगल इश्यूज पर डेढ़ घंटे का सिम्पोजियम करेंगे। इसमें डॉक्टर-मरीज के बीच बढ़ती तनातनी, मेडिको-लीगल समस्याओं से बचाव, मरीज की सहमति, दस्तावेजीकरण और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।कॉन्फ्रेंस में स्कल बेस, ट्यूमर, कैंसर, सियालोएंडोस्कोपी, लार ग्रंथियों की सर्जरी और कॉकलेयर इम्प्लांट्स जैसी तकनीकों पर भी व्याख्यान होंगे।

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