दरभंगा के शिक्षण संस्थानों में जनसंपर्क कर बोले—सही प्रतिनिधि का चुनाव ही तय करेगा स्नातकों का भविष्य
सुभाष शर्मा/दरभंगा
शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की अगली पीढ़ी का निर्माण करते हैं। जब शिक्षकों का सम्मान और अधिकार सुरक्षित होगा, तभी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के युवा प्रत्याशी सीए आदित्य झा ने शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में जनसंपर्क अभियान के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के सामने इस बार केवल चुनाव नहीं, बल्कि अपने हितों की आवाज को मजबूत करने का अवसर है। सही प्रत्याशी का चुनाव इसलिए जरूरी है, क्योंकि प्रतिनिधि की सक्रियता ही यह तय करती है कि शिक्षकों और स्नातकों के ज्वलंत मुद्दे सदन तक कितनी मजबूती से पहुंचेंगे।

सीए आदित्य झा ने कहा कि आज स्नातकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन डिग्री के बावजूद बड़ी संख्या में युवा रोजगार और सम्मानजनक जीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्नातकों की योग्यता को रोजगार से जोड़ना और उनके लिए बेहतर अवसर पैदा करना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री बांटने से युवाओं का भविष्य नहीं बदलेगा, बल्कि शिक्षा के साथ रोजगार की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
शिक्षकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित पुरानी पेंशन योजना की बहाली और सप्तम वेतनमान से जुड़े विषयों पर निर्णायक पहल जरूरी है। शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाना शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय है। इससे न केवल शिक्षक अपनी मूल जिम्मेदारी से दूर होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाकर छोड़ देने के बजाय उन्हें सड़क से सदन तक मजबूती से उठाने की जरूरत है। उनका उद्देश्य ऐसा प्रतिनिधित्व देना है जो चुनाव के बाद भी मतदाताओं के बीच मौजूद रहे और उनके सवालों के लिए लगातार संघर्ष करे।
जनसंपर्क अभियान के क्रम में सीए आदित्य झा ने सीएम कॉलेज, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), शिक्षा भवन, जिला स्कूल, नागेंद्र झा महिला कॉलेज, एमआरएम स्कूल, राज हाईस्कूल और लक्ष्य सिविल सेवा संस्थान समेत कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों का दौरा किया। उन्होंने वहां मौजूद शिक्षकों एवं स्नातकों से सीधा संवाद किया और शिक्षा, रोजगार, शिक्षक हित तथा स्नातकों के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया।
इस दौरान उन्होंने शिक्षकों एवं स्नातकों से व्यवस्था में बदलाव और प्रभावी प्रतिनिधित्व के लिए समर्थन देने की अपील की।

