मोदी-शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन, महागठबंधन ने कहा- इस्तीफा और बर्खास्तगी तक आंदोलन रहेगा जारी
दीपक कुमार/ब्यूरो, खगड़िया।
वोट चोरी के आरोप, एसआईआर में कथित अनियमितता और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर गुरुवार को खगड़िया में महागठबंधन के बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकाला गया। देशव्यापी आह्वान के तहत आयोजित मार्च में बड़ी संख्या में महागठबंधन के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समाहरणालय चौक पर पुतला दहन किया।

प्रतिरोध मार्च से पहले बलुआही चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद झंडे, बैनर, तख्तियों और पुतले के साथ मार्च निकाला गया, जो एमजी रोड, मेन रोड, स्टेशन रोड, राजेंद्र चौक और फ्लाईओवर होते हुए समाहरणालय चौक पहुंचा। यहां मार्च सभा में तब्दील हो गया।
प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता माकपा नेता संजय कुमार ने की, जबकि संचालन राजद नेता मनोहर यादव ने किया। कांग्रेस नेता डॉ. चंदन यादव ने पुतले को मुखाग्नि दी। सभा में भाकपा नेता पुनीत मुखिया, प्रभाकर सिंह, माले नेता अरुण वर्मा, सुभाष सिंह, अरुण दास, वीआईपी नेता मनोहर साहनी, आईपीआई नेता अरुण तांती, देश बचाओ अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष किरण देव यादव, राजद नेता नीरज यादव, रितेश ठाकुर, उदय यादव, सुरेंद्र महतो समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महागठबंधन नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

वक्ताओं ने दिल्ली में चल रहे विपक्षी आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज, वाटर कैनन और गिरफ्तारियों की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार का सम्मान होना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
