पितृपक्ष एवं भारतीय वायु सेना दिवस पर पर्यावरण भारती ने लगाए पीपल के पौधे

Rakesh Gupta
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दीपक कुमार/ब्योर खगड़िया ।


बुद्धनगर (भरतखंड), परबत्ता, खगड़िया, 8 अक्टूबर 2026। पितृपक्ष के अवसर पर पूज्य पिताजी स्वर्गीय भागवत शर्मा की पुण्य स्मृति एवं भारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती द्वारा सौढ़ उत्तरी पंचायत के बुद्धनगर (भरतखंड) में देव वृक्ष पीपल के तीन पौधे लगाए गए। पौधारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व आयूष कुमार शर्मा ने किया।

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इस अवसर पर पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण ही जीवन का आधार है। उन्होंने पर्यावरण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भूमि, गगन, वायु, अग्नि और जल—इन पंचतत्वों के संतुलन से ही मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण पर्यावरण असंतुलन गंभीर समस्या बन गया है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर एवं आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से कम से कम दस पौधे लगाने का आह्वान किया।

राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रही है। संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक सज्जन लोगों को पौधारोपण अभियान से जोड़ना है। उनके अनुसार संस्था द्वारा अब तक 1,25,623 पौधे लगाए जा चुके हैं तथा भविष्य में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय भागवत शर्मा को याद करते हुए कहा कि वे किसान होने के साथ धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रणी रहते थे। उन्होंने अपने तीनों पुत्रों—कैलाश शर्मा, राम बिलास शाण्डिल्य एवं जय प्रकाश शर्मा—को बचपन से ही शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उनके संस्कार एवं प्रेरणा से ही पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण भारती की स्थापना कर मानव कल्याण के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। पितृपक्ष में उनकी पुण्य स्मृति में पीपल का पौधा लगाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

पर्यावरणविद शिक्षक सिद्धार्थ कुमार ने भारतीय वायु सेना दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश शासन के दौरान रॉयल इंडियन एयर फोर्स की स्थापना हुई थी। स्वतंत्र भारत में 26 जनवरी 1950 को इसका नाम बदलकर भारतीय वायु सेना किया गया। प्रत्येक वर्ष 8 अक्टूबर को भारतीय वायु सेना दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना का मुख्यालय नई दिल्ली में है और इसका आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” है। भारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर देश की सुरक्षा में वायु सेना के योगदान, साहस एवं बलिदान को स्मरण किया जाता है।

कार्यक्रम में सिद्धार्थ कुमार, उत्कर्ष कुमार, पीयूष कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार, आयूष कुमार, जय प्रकाश शर्मा, राम बिलास शाण्डिल्य, राम गोविंद शर्मा, पल्लो, मनखुश, अरविंद, पिंटू मुनी, विभा कुमारी एवं निखिल सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, अधिकाधिक पौधारोपण एवं लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।

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