अमनी स्कूल हादसे के बाद विधायक बबलू कुमार मंडल ने उठाई थी मांग, जर्जर भवनों की जांच कर मरम्मत और नए निर्माण पर जोर
दीपक कुमार, खगड़िया।
खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत अमनी गांव स्थित जटाधार मिश्रा प्राथमिक विद्यालय में सीढ़ी गिरने से छात्रा की मौत के बाद सरकारी स्कूलों के भवनों की सुरक्षा का मुद्दा राज्य स्तर पर उठाया गया है। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल की ओर से सभी सरकारी विद्यालयों के भवनों की सुरक्षा जांच कराने की मांग उठाए जाने के बाद राज्यभर में भवनों का सोशल ऑडिट कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य जर्जर और असुरक्षित भवनों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाना है।

विद्यालय में हादसे के बाद विधायक बबलू कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर बिहार के सभी सरकारी स्कूलों के भवनों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जांच केवल हादसे वाले विद्यालय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे प्रदेश के स्कूल भवनों की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जर्जर भवनों को ध्वस्त करने और मरम्मत कराने की मांग
विधायक ने अपने पत्र में मांग की थी कि जांच के दौरान जिन विद्यालय भवनों को पूरी तरह जर्जर और असुरक्षित पाया जाए, उन्हें नियमानुसार ध्वस्त कर नए भवनों का निर्माण कराया जाए। वहीं, जिन भवनों की मरम्मत से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है, वहां तत्काल मरम्मत और जीर्णोद्धार कराया जाए।
उन्होंने विद्यालयों की छत, सीढ़ियों, दीवारों, कक्षाओं और बरामदों सहित भवन के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों की तकनीकी जांच पर जोर दिया था। उनका कहना था कि सुरक्षा संबंधी खामियों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर करना जरूरी है, ताकि बच्चों और शिक्षकों को किसी संभावित खतरे का सामना नहीं करना पड़े।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
राज्यभर के विद्यालय भवनों का सोशल ऑडिट शुरू किए जाने की जानकारी पर विधायक बबलू कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यालय शिक्षा और भविष्य निर्माण के केंद्र हैं, इसलिए वहां सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है।
विधायक ने उम्मीद जताई कि सोशल ऑडिट में चिह्नित जर्जर और असुरक्षित भवनों पर जल्द कार्रवाई होगी। जहां नए भवन की जरूरत होगी, वहां निर्माण कराया जाएगा और जिन भवनों को मरम्मत के जरिए सुरक्षित बनाया जा सकता है, वहां आवश्यक कार्य किए जाएंगे।
हादसे के बाद स्कूलों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
अमनी के जटाधार मिश्रा प्राथमिक विद्यालय में हुई घटना ने सरकारी स्कूलों के भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए थे। अब राज्यभर में सोशल ऑडिट की प्रक्रिया से विद्यालय भवनों की वास्तविक स्थिति सामने आने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
हालांकि, सोशल ऑडिट के निष्कर्षों, चिह्नित भवनों की संख्या और उनके आधार पर होने वाली कार्रवाई का विवरण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने विद्यालयों में मरम्मत की जरूरत है और कहां नए भवन बनाने होंगे।

