‘ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के नारे के साथ मार्च, पुतला दहन

Rakesh Gupta
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किसान सभा, खेतिहर मजदूर यूनियन और सीटू ने किया प्रदर्शन; एसआईआर रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग”

दीपक कुमार, खगड़िया।

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अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन और भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के संयुक्त आह्वान पर ‘ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतले दहन किए गए। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करते हुए इसे रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की।

कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी जनसंघर्ष तेज हो रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई जाएगी।

मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान

पूर्व महागठबंधन लोकसभा प्रत्याशी संजय कुमार ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। उनके अनुसार, सरकार पर चुनाव आयोग के माध्यम से मताधिकार को प्रभावित करने के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है और विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

संजय कुमार ने कहा कि आंदोलनकारी एसआईआर को निरस्त करने और पूर्व की मतदाता सूची की वैधता बहाल करने की मांग पर डटे रहेंगे। उन्होंने बिहार सहित उन सात राज्यों में पुराने मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग की, जहां उनके अनुसार एसआईआर के आधार पर तैयार मतदाता सूची का इस्तेमाल किया गया है।

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी कानून बदलने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून में बदलाव कर पूर्ववर्ती व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की। संजय कुमार ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार पर आंदोलनकारी छात्रों, युवाओं और अन्य वर्गों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने पेपर लीक के विरोध में युवाओं के आंदोलनों का भी उल्लेख किया।

कई संगठनों के नेता और कार्यकर्ता हुए शामिल

मार्च और पुतला दहन कार्यक्रम में किसान सभा के जिला सचिव विनय कुमार सिंह, बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला सचिव रामविनय सिंह, सीटू नेता विजय कुमार सिंह और संजीव कुमार, किसान नेता कुंदन मेहता, अनिल वर्मा, शिवजी महतो, खेतिहर मजदूर यूनियन के नेता रामविलास वर्मा, माला देवी, सरवन साह, महिला नेत्री मंजू देवी तथा युवा नेता रजनीश कुमार और अमीर कुमार सहित अन्य लोग शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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