रविकांत चौहान के नेतृत्व में दिव्यांग क्रिकेट छू रहा नई ऊंचाइयां, बीसीसीआई के विशेष सहयोग से देशभर में मिलेगा बढ़ावा

Rakesh Gupta
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दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देने में बीसीसीआई करेगी विशेष सहयोग, रविकांत चौहान की अगुवाई में समावेशी क्रिकेट को मिलेगी नई दिशा

नई दिल्ली। देश में दिव्यांग क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दिव्यांग क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों के कल्याण और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष सहयोग की दिशा में पहल की जा रही है।डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) के महासचिव रविकांत चौहान की अगुवाई में दिव्यांग क्रिकेट को मजबूत बनाने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा इस खेल को देशभर में व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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बिहार दिव्यांग क्रिकेट एवं डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता और सचिव रणजीत कुमार शर्मा भी बिहार में दिव्यांग क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।दिव्यांग क्रिकेट के विकास के लिए बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं का विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। बीसीसीआई का सहयोग इन प्रयासों को गति देने और दिव्यांग क्रिकेट को अधिक व्यवस्थित एवं सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

रविकांत चौहान के नेतृत्व में DCCI दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने और उन्हें भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार में राकेश कुमार गुप्ता और रणजीत कुमार शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयास भी इस अभियान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।DCCI के मीडिया प्रभारी राकेश कुमार गुप्ता ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर अवसर, उचित प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त मंच उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

बीसीसीआई का सहयोग दिव्यांग क्रिकेट के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी भी देश का गौरव हैं। उनकी प्रतिभा को उचित पहचान और अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे क्रिकेट के मैदान पर अपनी क्षमता साबित कर सकें और देश का नाम रोशन करें। DCCI तथा बिहार दिव्यांग क्रिकेट से जुड़े पदाधिकारी दिव्यांग क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।दिव्यांग क्रिकेट को सशक्त बनाना, खिलाड़ियों को सम्मान दिलाना और उन्हें बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

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