नाग पंचमी के अवसर पर खानपुर बाजार स्थित विषहर स्थान में पुजारी रामदेव महतो भगतजी पूजा अर्चना के बाद विषैले सर्प को पकड़ कर दिखाया खेल तमासा।अर्जुन कुमार झा/समस्तीपुर/ देवो के देव महादेव का पवित्र सावन माह कृष्ण पक्ष में मिथिला का नव विवाहिता बहन बेटियों ने नाग पंचमी पर्व में 15 दिनों के लिये व्रत रख कर नाग देवता का पूजा अर्चना करती है।जो मिथिला के बहन बेटियों के लिये बहुत महत्वपूर्ण नाग पंचमी पर्व है।वही बताते चले कि नाग पंचमी पर्व के अवसर पर खानपुर बाजार स्थित पोखर के बगल में विषहर स्थान में रामदेव महतो भगत जी ने अपना कर्तव्य दिखाते हुये विषैले सर्प को पकड़ कर पूजा अर्चना किया।
पूजा के दौरान पूजा स्थल पर पहुच कर खाफी देखा गया।क्षेत्र में दर्जनों जगह विषहर माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों के पुजारी ने नाग पंचमी पर्व के अवसर पर अपने हाथों से विषैले सर्प को पकड़ कर पूजा अर्चना करते हुऐ हजारो लोगो की जुटी भीड़ में विषैले सर्प को अपने गर्दन व हाथ से पकड़ कर खेल तमाशा देखते

वही नाग पूजा देखने आये लोगो यह भी कहता है कि जिस विषैले सर्प को देख कर लोग डर कर भाग जाते है।जो कही काट न ले।उस विषैले सर्प को विषहर के पुजारी ने अपने हाथों से पकड़ कर गर्दन में लपेट कर खेल तमासा दिखाते है।यह तो विषहर माता की कृपा है।वही बतादे की नाग पंचमी पर्व के अवसर पर खानपुर बाजार स्थित पूजा टेन्ट हाउस के सामने पोखर के बगल में विषहर मंदिर व माँ काली मंदिर परिसर में पुजारी सीताराम पंडित व रामदेव भगत महतो भगतजी ने अपने हाथों से विषैले सर्प को पकड़ कर मंदिर में दूध लाबा चढ़ा कर पूजा करते हुऐ विषहर माता के पुजारी सीताराम पंडित व रामदेव महतो भगतजी एंव पूजा टेन्ट हाउस के मालिक रामविलास महतो,सहित दर्जन भर स्थानीय लोगो ने विषैले सर्प को अपने गर्दन व हाथ में लेकर नाग पूजा देखने आये लोगो के बीच खेल तमासा दिखाये।तथा विषैले सर्प को लेकर खानपुर बाजार में भ्रमण किया।वही समस्तीपुर बहेरी मुख्य पथ के मनवारा गाँव स्थित मोइन के किनारे विषहर मंदिर के पुजारी रामचन्द्र भगत ने दर्जनों विषैले सर्प को अपने हाथों से पकड़ कर मंदिर में पूजा अर्चना के बाद नाग पूजा देखने आये हजारो लोगो के बीच खेल तमासा दिखाये।
विषहर पूजा को सफल बनाने के लिये मुख्य भूमिका निभाने वाले पूजा टेन्ट के मालिक रामविलास महतो,कैलास महतो,भवेश महतो,किसुन प्रसाद,सीताराम पंडित,अकलू राय,दिलीप महतो,दिलीप कुमार रामलखन महतो,सहित समस्त खानपुर ग्रामवासी शामिल थे।
