डॉo संजय (हाजीपुर)-जिले में कृषि क्षेत्र को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने तथा किसानों को कम समय में प्रभावी और सुरक्षित फसल सुरक्षा सुविधाl उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के निर्देश पर फसलों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक एवं फफूंदनाशक के छिड़काव की शुरुआत की गई। इस पहल के माध्यम से कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों के समय, श्रम एवं लागत में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है।कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उपस्थित किसानों को ड्रोन तकनीक के उपयोग, इसकी कार्यप्रणाली एवं लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्रफल में कृषि-रसायनों का समान, लक्षित एवं निर्धारित मात्रा में छिड़काव किया जा सकता है।
इससे फसल सुरक्षा कार्य अधिक प्रभावी एवं सुविधाजनक होने के साथ किसानों के समय एवं श्रम की भी बचत होती है।जिला पदाधिकारी, वर्षा सिंह ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल एवं ड्रोन तकनीक सहित आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के उपयोग से कृषि कार्यों को अधिक सुगम और वैज्ञानिक बनाया जा सकता है। किसानों को ऐसी तकनीकों का लाभ दिलाकर उत्पादन लागत कम करने, फसल उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने तथा किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।ड्रोन तकनीक विशेष रूप से ऐसी फसलों एवं खेतों में उपयोगी है जहाँ पारंपरिक तरीके से कीटनाशक या फफूंदनाशक का छिड़काव करने में अधिक समय एवं श्रम की आवश्यकता होती है। खेत में प्रवेश किए बिना छिड़काव किए जाने के कारण किसानों एवं कृषि श्रमिकों का कृषि-रसायनों के सीधे संपर्क में आने का जोखिम भी कम होता है।कृषि विभाग द्वारा किसानों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि कीटनाशकों का प्रयोग केवल अनुशंसित फसल, संबंधित कीट/रोग तथा निर्धारित मात्रा के अनुसार ही किया जाए। ड्रोन से छिड़काव के दौरान संबंधित कृषि-रसायन के लेबल एवं लीफलेट में दिए गए निर्देशों, अनुशंसित मात्रा तथा आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि में ड्रोन, डिजिटल तकनीक एवं अन्य आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं।
किसी भी कृषि-रसायन के प्रयोग से पूर्व कृषि विशेषज्ञ अथवा कृषि विभाग की अनुशंसा अवश्य प्राप्त करें ताकि फसल सुरक्षा के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर कृषि को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित, कम लागत वाली एवं उत्पादक बनाया जाए तथा किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में ठोस पहल की जाए।
